अलवर. सरिस्का में शनिवार को पाण्डूपोल से लौटते समय रास्ते में जंगली शूकर के पीछे करने से पहाड़ी पर चढ़ गई और रात वहीं बिताई। रविवार को महिला पहाड़ से उतरकर वनकर्मियों के पास पहुंची। इस दौरान महिला के परिजन, ग्रामीण व वनकर्मी महिला की तलाश में जुटे रहे।
ग्राम पंचायत बीलेटा के गांव खरखड़ी चांवडसिंह निवासी शारदा देवी अपने पुत्र व पौत्र के साथ शनिवार को दिन में पाण्डूपोल गई थी। लौटते समय रास्ते में लघुशंका करने वह पास ही नाले में उतर गई। वहां जंगली शूकर के बच्चे होने के कारण महिला के पीछे जंगली शूकर भागने लगा। महिला डरकर जंगल की ओर भागने लगी, करीब 500 मीटर भागने के बाद जंगली शूकर लौट आया, लेकिन महिला डर कर पास ही पहाड़ी पर छिपकर बैठ गई। पहले पुत्र ने अपनी मां की तलाश की, लेकिन वह नहीं मिली। बाद में पुत्र ने परिजनों व वनकर्मियों को सूचना दी। इस पर खरखड़ी के पूर्व सरपंच हरिराम जांगिड़ व भंडोडी निवासी पून्याराम जाट, सरिस्का के अकबरपुर रेंज के रेंजर धर्मवीरसिंह चौधरी, बालेटा नाका के वनपाल कैलाशचंद, पृथ्वीपुरा के वनपाल अरुण सिंह ने महिला की तलाश की, लेकिन वह नहीं मिली।
शाम को अंधेरा होने के बाद भी महिला पहाड़ पर ही बैठी रही। रविवार को ग्रामीणों, परिजनों व वनकर्मियों ने महिला की फिर से तलाश शुरू की। बाद में सुबह ग्वाला देवरी गांव से आ रहे दो युवकों को महिला रास्ते में मिली। इसके बाद युवक महिला को लेकर वनकर्मियों के पास पहुंचे। बाद में वनकर्मियों ने महिला को परिजनों को सुपुर्द किया। महिला सही सलामत घर पहुंच गई।





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