फालना। टीवी सीरियल तारक मेहता के उल्टा चश्मा के कलाकर शैलेष लोढ़ा ने कहा कि मारवाड़ की माटी का कण-कण प्रवासी राजस्थानियों की आत्मा में बसा हुआ है।
शरीर कहीं भी रहे, लेकिन आत्मा की आवाज में मारवाड़ की माटी के बोल निकलते ही हैं। वे बेडल स्थित भाजपा उपाध्यक्ष ओमप्रकाश माथुर के फार्म हाऊस पर गोडवाड़ क्षेत्र में सर्दी के मौसम में हो रहे सम्मेलनों को लेकर पत्रिका से चर्चा कर रहे थे। इस दौरान उन्हें १९८२ के फालना में हुए कवि सम्मेलन में करीब ३६ वर्ष पूर्व बालकवि के रूप में उनकी ओर से गाई गई पहली कविता की पंक्तियां उस समय के श्रोता नारायणसिंह खिंदारागांव ने उन्हें गाकर सुनाई...और जगह तो धरती देखी, सिरोही में देख्यो धरतो, नारी आगे नर ने देख्यो पाणी भरतो.. पर वे मंत्रमुग्ध हो गए। उन्होंने कहा कि मेरे जीवन में कवि सम्मेलन के दौरान बाल कवि के रूप में फालना मंच पर जो सम्मान उस समय मिला था वह आज तक जीवन में प्रेरणादायक बना हुआ है। इस दौरान उन्होंने माथुर के साथ अलाव तापते हुए बातें भी की। इस अवसर पर हणवंतसिंह दहिया, इकबालभाई मुगल, विपुल माथुर, महेन्द्र माथुर, विरेन्द्र माथुर, कैलाशसिंह राजपुरोहित, भूपेन्द्रसिंह जोधा, शंकरलाल परिहार, शंकरलाल भाटी, रीटू बग्गा, राजू खारवाल सहित, जिला खेल अधिकारी अगराराम चौधरी आदि उपस्थित थे।
लोहार समाज के लोगों ने मांगा न्याय
राणावास। मालवीय लोहार समाज के लोगों ने सोमवार को तहसीलदार माधुसिंह राजपुरोहित को मुख्यमंत्री एवं पुलिस अधीक्षक पाली के नाम ज्ञापन सौंपकर निर्दोष देवीलाल मालवीय की पीट-पीट कर निर्मम हत्या के आरोपित के विरुद्ध मुकदमे की उ"ास्तरीय निष्पक्ष जांच करवाने व पीडि़त गरीब परिवार को सहायता राशि दिलाने की मांग की। गौरतलब है कि बीते शुक्रवार को कस्बे में देवीलाल मालवीय की दुर्घटना के बाद निर्मम हत्या कर दी गई। रणछोड़ भगवान मंदिर बांता रघुनाथगढ अध्यक्ष प्रभुलाल रामाजीगुडा, प्रतापराम मालवीय, भंवरलाल मालवीय, बाबूलाल आसोरिया, राजूराम गोदावास, श्रवण कुमार लोलावास, जगदीश डी गहलोत, बंकट मालवीय सोजतरोड, मालवीय लोहार महिला संगठन अध्यक्ष लीलादेवी मालवीय सहित कई समाजबंधु मौजूद रहे।





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