कोटा। कोटा से निजामुद्दीन के बीच चलने वाली जनशताब्दी एक्सप्रेस का स्वरूप अब बदला हुआ नजर आएगा। रेलवे ने इसका रैक बदल दिया है। सोमवार से एलएचबी तकनीक के नए कोचों का रैक लगाया गया। नए रैक के गलियारे में सेंसर लगाए गए हैं। एसी कुर्सीयानोंं के गलियारे से कोच के अंदर जाने वाले दरवाजे ऑटोमेटिक खुलते हैं। कोचों में सुविधाजनक सीट के साथ स्टेडी लैम्प भी लगे हैं। द्वितीय श्रेणी कुर्सीयां के कोच में 102 और एसी कुर्सीयान श्रेणी के कोचों में 77 यात्रियों के बैठने की सुविधा है।
निजामुद्दीन से जनशताब्दी के कोटा पहुंचने पर सांसद ओम बिरला भी नए रैक का अवलोकन करने पहुंचे। उन्होंने ट्रेन को रिसीव करते हुए यात्रियों का स्वागत किया। इस दौरान बिरला ने स्वयं यात्रियों से सुविधाओं पर चर्चा की तो यात्री नए कोच में सुविधाएं बढऩे से खुश नजर आए। उन्होंने कहा, कोटा से निजामुद्वीन तक चलने वाली जनशताब्दी एक्सप्रेस का सफ र अब पहले से अधिक आरामदायक हो गया है।
कोचों के निरीक्षण के बाद सांसद बिरला ने बताया कि जनशताब्दी एक्सप्रेस दिल्ली जाने के लिए सबसे ज्यादा लोकप्रिय यात्री गाड़ी है। ऐसे मे रेलवे मंत्रालय के द्वारा इसके पुराने कोचों को बदलकर नई तकनीक के कोच लगाए हैं। जिसमें पहले से ज्यादा आरामदायक सीटें हैं, लगेज रखने का अधिक स्पेस, दरवाजें पर ऑटोमेटिक सेंसर, बॉयो टॉयलेट एवं पेंट्री की सुविधा होने से यात्रियों का सफ र ज्यादा आरामदायक होगा। बिरला ने बताया कि कोटा से दिल्ली एवं देहरादून तक एक नई गाड़ी चलाने के प्रयास चल रहे हैं, जल्द ही इसके सकारात्मक परिणाम आएंगें।
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सुविधाओं को सराहा
यात्री उमा गौतम का कहना था कि नए कोचों में पहले से अधिक जगह होने के साथ ही सीटें काफ ी आरामदायक हैं। ऑटोमेटिक सेंसर सिस्टम व लाईटिंग सिस्टम हवाई जहाज जैसी सुविधा का अहसास कराता है। दिल्ली से आई ऋचा आहूजा ने नए कोच की सुविधाओं की सराहना करते हुए कहा कि गाड़ी में सुविधाओं के बढऩे से सफ र अब और आसान हो गया है।
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एक हजार से ज्यादा यात्री रोज सफर करते
जनशताब्दी कोटा मंडल की सबसे लोकप्रिय ट्रेन हैं, इसमें हर रोज एक हजार से ज्यादा यात्री कोटा जंक्शन से सफर शुरू करते हैं। इसमें करंट आरक्षण की सुविधा होने के कारण ट्रेन चलने से आधा घंटे पहले तक आरक्षण होता है। ऐसे में यात्री स्टेशन पहुंचकर भी टिकट लेकर यात्रा करते हैं।
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इनका हुआ लोकार्पण
रेलवे ने यात्री सुविधाओं का विस्तार करने के साथ ही सुरक्षा के मध्यनजर एवं पर्यावरण को बेहतर बनाने कि दिशा में कदम बढ़ाए हैं। सांसद बिरला ने 42 लाख रुपए की लागत से स्थापित बेग स्केनर मशीन एवं सीएसआर के तहत स्थापित वाटर बॉटल क्रेशिंग मशीन का लोकार्पण किया। सांसद बिरला ने कहा, कोटा स्टेशन पर यात्री सुविधाएं बढ़ाने के साथ ही ग्रीन स्टेशन बनाने की ओर कदम बढ़ा रहे हैं। सोलर पैनल से बिजली का उपयोग एवं बॉटल क्रेशिंग मशीन के माध्यम से खाली बोतल डालने पर 5 रुपए मिलेंगे।





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