उदयपुर . विधानसभा चुनाव से पहले जनता को लुभाने के लिए माननीयों ने कोई कमी नहीं रख छोड़ी। आचार संहिता से पूर्व ग्रामीण व शहरी क्षेत्र के विधायकों ने जनता के बीच कई ऐसी घोषणाएं भी कर दी, जो नियमानुसार नहीं हैं। आठ में से तीन माननीयों ने तो आवंटन से ज्यादा राशि खर्च कर दी जिससे उनका खाता माइनस में अंकित हो गया है। अब प्रशासन उन कार्यों को निरस्त करने की कार्रवाई कर रहा है। इधर, नेताजी की घोषणाओं पर तालियां बजाकर स्वागत करने वाले ग्रामीण ठगा सा महसूस कर रहे हैं। चुनाव के बाद प्रशासन ने विधायक क्षेत्रीय विकास योजना की राशि का हिसाब-किताब देखा तो घोषणाओं की राजनीति सामने आई। उदयपुर शहर विधानसभा के विधायक गुलाबचंद कटारिया ने आयड़ के लिए ढाई सौ करोड़ रुपए अपनी मद से दिए। प्रक्रिया आगे बढ़ती उससे पहले आचार संहिता लग गई थी। गोगुंदा, वल्लभनगर व मावली के विधायकों की ओर से उन्हें आवंटित राशि से ज्यादा खर्च करना सामने आया है। अब कुछ कार्य निरस्त होंगे तो कई कार्यों की राशि इधर से उधर समायोजित की जाएगी। यह दीगर बात है कि आवंटन से ज्यादा राशि खर्च करने के बावजूद गोगुंदा विधायक प्रताप भील जीत पाए।
तय से ज्यादा राशि इनके खर्च हुई
विधानसभा आवंटित राशि वित्तीय स्वीकृति शेष राशि
गोगुंदा 225.00 236.00 -7.14
वल्लभनगर 225.00 234.00 -13.57
मावली 225.00 281.87 -11.66
(वित्तीय वर्ष 2018-19 में राशि लाखों में)





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