एक दशक से बदल गई चिकित्सालय की तस्वीर
-बढ़ती गई सुविधाएं, हालाकि कई की दरकार
-जितेंद्र जैकी-
झालावाड़. जिला मुख्यालय पर मेडिकल कॉलेज से सम्बद्व राजकीय एसआरजी चिकित्सालय के 3 अप्रेल 2008 को लोकार्पण के बाद एक दशक से चिकित्सालय में कई सुविधाओं का विस्तार हुआ। वर्तमान में यह चिकित्सालय जिले के आसपास के क्षेत्रों के अलावा मध्यप्रदेश के भी सीमावर्ती जिले के लोगों को लाभांवित करने में अग्रणी रहा है। हालाकि सभी सुविधाएं उपलब्ध होने के बाद भी कभी कभी अव्यवस्थाओं की तस्वीर भी सामने आती रहती है लेकिन फिर भी क्षेत्र में बड़ी संख्या में लोगों के स्वास्थ्य की रक्षा के लिए यह कटिबद्व है। अब यहां कार्डियोलोजिस्ट व न्यूरोलोजिस्ट की दरकार है।
-यह आया अंतर
2008 में जब मेडिकल कॉलेज व चिकित्सालय शुरु हुए तो प्रथम वर्ष में आउटडोर में 2 लाख 54 हजार 628 मरीज आए थे वही पिछले वर्ष दिसम्बर तक 2018 में 7 लाख 39 हजार 373 मरीज दिखाने आए। 300 पलंगों की क्षमता वाले इस चिकित्सालय में 2008 में 31 हजार 403 भर्ती हुए थे, वही 2018 में करीब 800 पलंगों पर 83 हजार 112 मरीज भर्ती हो सके।
-यह है विशेषता व सुविधाएं
वर्तमान में मेडिकल कॉलेज में 5 क्लिनिकल व 7 पैरा क्लिनिकल विषयों में पीजी पाठ्यक्रम चल रहा है। सत्र 2018-19 में 2 विषयों में पेथोलोजी में 11 सीटें व फोरेन्सिक मेडिसिन में 4 सीटे एमसीआई की ओर से स्वीकृत हुई है। 100 छात्रों की क्षमता वाला नर्सिंग कॉलेज पीपीपी मोड़ पर शुरु। तीन विषयों पर पीएचडी शुरु। मणिपाल ग्रुप के साथ विभिन्न प्रकार की ट्रेनिंग व नई सुविधाओं के लिए एमओयू। स्टेनफोर्ड यूनिवर्सिटी, केलीफोर्निया के साथ उच्चतर शिक्षण के लिए एमओयू। पीसीआर लेब शुरु। 11 अक्टूबर 2017 से वायरल डायग्रोस्टिक रिसर्च लैब व एडवान्स स्वाईन फ्लू लैब शुरु। 13 दिसम्बर 2017 से एडवान्स टीबी लैब, डिजीटल मेमोनोग्राफी व डीआर सिस्टम शुरु हुए।
-मेडिकल कालेज से सम्बद्व राजकीय एसआरजी चिकित्सालय
चिकित्सालय में ज्वाईट रिप्लेसमेंट की सुविधा व दूरबीन से जोड़ों की सर्जरी शुरु। न्यूरो सर्जरी विभाग शुरु, एक चिकित्सक नियुक्त। टर्सरी केंसर केयर सेंटर के लिए केंद्र सरकार से प्रथम किश्त के तौर पर 16 करोड़ की राशी प्राप्त। 23 मार्च 2016 से डायलिसिस सुविधा शुरु। जीवन संबल चेरिटेबल ट्रसट की ओर से चिकित्सालय के मरीजों व परिजनों को निशुल्क भोजन सुविधा शुरु। 25 मई 2017 को नवीनीकृत आईसीयू का लोकार्पण व क्षमता 12 से बढ़ाकर 15 की गई। 27 मार्च 2017 को सीटी स्केन मशीन शुरु। 9 सितम्बर 2017 से ओपीड़ी रेकार्ड का डिजिटलाईजेशन शुरु।
-मेडिकल कालेज से सम्बद्व राजकीय हीरा कुंवर महिला चिकित्सालय
चिकित्सालय में तृतीय तल पर एयर एम्बुलेंस हैलीपेड़ का निर्माण हुआ। पिडिय़ाट्रिक आईसीयू शुरु। लेबर रुम का उन्नयन अंतिम चरण में। अमृत कक्ष व पालना गृह का निर्माण, 25 मई 2017 से गायनिक आईसीयू में 5 पलंग व स्टेप डाउन आईसीयू में 2 पलंग की सुविधा शुरु।
-यह है चिकित्सक कार्यरत
मेडिकल कालेज से सम्बंद्व राजकीय एसआरजी चिकित्सालय व राजकीय हीरा कुंवर महिला चिकित्सालय में मेडिकल कॉलेज सोसायटी की ओर से 165 चिकित्सक व सरकार की ओर से 34 चिकित्सक नियुक्त है।
-एक दशक हो गए निर्मित हुए
राजकीय एसआरजी चिकित्सालय के भवन के निर्माण के लिए 31 अगस्त 2004 को शिलान्यास किया गया था। इमारत करीब चार साल में बन कर तैयार हुई व 3 अप्रेल 2008 को इसका लोकार्पण हुआ।
-यह है दरकार
चिकित्सालय में अब हार्ट पेशेंट के लिए कार्डिलोजिस्ट होना जरुरी है, ताकि एंजियोग्राफी आदि हो सके। वही न्यूरो विभाग में भी हर समय न्यूरोलोजिस्ट होना चाहिए। यहां संसाधन है लेकिन विशेषज्ञ नही होने से उनका उपयोग नही हो पा रहा है।





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