जयपुर. शहर की 35 लाख आबादी को अलग-अलग जगह पर 4 बस स्टैंड चाहिए लेकिन एकमात्र केन्द्रीय बस स्टैंड सिंधी कैंप ही है। वहां यात्रीभार घटाने और जनता की सुविधा के लिए पिछली सरकारों ने प्रस्ताव और प्लान तो बनाए लेकिन सत्ता बदलती रही, जनता जस की तस हालात से जूझती रही।
आबादी और शहर के विस्तार के साथ टोंक रोड, आगरा रोड, अजमेर रोड, दिल्ली रोड पर काफी आगे तक बसावट हो चुकी है। लेकिन बस के लिए लोगों को कई बार 20-25 किमी दूर से सिंधी कैम्प पहुंचना पड़ता है। शहर में बसें तो कई जगह से चलती हैं लेकिन चारों दिशाओं में बने स्टॉपेज सड़क पर ही हैं। वहां जाम, हादसों की स्थिति रहती है। राहत के लिए गत कांग्रेस सरकार के समय प्रस्ताव लाया गया था कि टोंक रोड, आगरा रोड, अजमेर रोड और सीकर रोड पर बस अड्डे बनाए जाएंगे लेकिन सत्ता बदली तो प्रस्ताव ठंडे बस्ते में चला गया। हालांकि भाजपा सरकार ने योजना को आगे बढ़ाने और बस अड्डों के संचालन के लिए राज्य बस टर्मिनल विकास प्राधिकरण बनाया। लेकिन इसके बाद योजना पर कोई काम नहीं हुआ। जमीन आज तक खाली ही पड़ी है।
बस अड्डे विकसित हों तो यह मिलेगी राहत
- चारों दिशाओं के लोगों को पास में ही बस मिल सकेगी
- केवल दूसरे रूट पर जाने वालों को सिंधी कैंंप पहुंचना होगा
- सिंधी कैंप पर यात्रीभार कम होगा
- सिंधी कैंप क्षेत्र में प्रदूषण का स्तर कम हो सकेगा
- सिंधी कैंप परिसर के बाहर जाम से निजात मिलेगी
- यात्रियों के पास विकल्प होगा, नजदीकी स्टैंड पहुंच सकेंगे
क्या होना चाहिए
- सिंधी कैंप के अधीन 4 बस स्टैंड विकसित हों
- चारों बस स्टैंडों पर उस रूट की अतिरिक्त बसें दी जाएं
- इन स्टैंडों पर संबंधित रूटों की सभी बसों का ठहराव हो
- सभी स्टैंडों पर ऑनलाइन रिजर्वेशन की सुविधा हो
ऐसा हाल : कैसे मिले शहरवासियों और बाहर से आने-जाने वालों को राहत
- 200 फीट अजमेर रोड : सिर्फ बोर्ड लगकर रह गया
भाजपा सरकार के समय शहर में चारों दिशाओं में अलग-अलग बस अड्डे बनाने और इन्हें राज्य बस टर्मिनल विकास प्राधिकरण के अधीन चलाने का निर्णय हुआ। जेडीए ने जमीन भी आवंटित की लेकिन बस अड्डा अब तक नहीं बना। जमीन अनुपयोगी ही पड़ी है। अजमेर रोड जाने वाले यात्री 200 फीट बायपास पर खड़े होकर बस पकड़ते हैं। अजमेर रोड पर गवर्मेट हॉस्टल, सोडाला, पुरानी चुंगी, 200 फीट से यात्री बसों में बैठते हैं।
- ट्रांसपोर्टनगर : सिर्फ टिनशैड, जमीन बनी खेल का मैदान
आगरा रूट के लिए रोडवेज बस स्टैंड बना हुआ है लेकिन यह यात्रियों के काम नहीं आ रहा है। यहां से रोडवेज बसों का संचालन भी नहीं हो रहा है। बस स्टैंड के नाम पर मात्र टिनशैड लगा हुआ है। यह जमीन बच्चों के खेलने के काम आ रही है। रोडवेज ने इसे विकासित करने के प्रयास ही नहीं किए। पहले यहां आगरा रूट की बसों का संचालन हो रहा था लेकिन बाद में बंद कर दिया गया। यह स्टैंड विकसित हो तो आगरा रूट के लिए यात्रियों को राहत मिल सकती है।
- नारायण सिंह सर्कल : सड़क पर ही चल रहा है बस स्टैंड
दिल्ली-आगरा रूट पर चलने वाली बसें नारायण सिंह सर्कल से होकर ही निकलती हैं। सिंधी कैंप बस स्टैंड से अलावा करीब 35 फीसदी यात्री यहां से बसों में सवार होते हैं लेकिन बस स्टैंड सड़क पर ही संचालित हो रहा है। आलम यह है कि बेरिकेड लगाकर बसों के संचालन के लिए सड़क को 2 भागों में बांटा हुआ है। ऐसी स्थिति में यहां हर 2-4 मिनट में जाम लगता है। इससे वाहन चालक परेशान होते हैं और यात्रियों को हादसे की आशंका रहती है।
बरतेंगे गम्भीरता, जल्दी ही सामने आएंगे परिणाम
जनता की सहूलियत के लिए शहर में चारों दिशाओं में बस अड्डे विकसित करने का मुद्दा गंभीरता से लिया जाएगा। जल्दी ही नतीजा देखने को मिलेगा। प्रताप सिंह खाचरियावास, परिवहन मंत्री





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