बीकानेर. देश के सबसे साफ-सुथरे शहरों के चयन के लिए चल रहे स्वच्छता सर्वेक्षण-२०१९ के तहत केन्द्रीय दल ने शहर का स्वच्छता सर्वेक्षण किया। दल सदस्य स्वच्छता के निर्धारित मापदण्डों के तहत शहर के विभिन्न वार्डो में पहुंचे और शहर की साफ-सफाई, सार्वजनिक शौचालय आदि व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निगम आयुक्त प्रदीप के गवांडे ने बताया कि स्वच्छता सर्वेक्षण दल की ओर से अपने स्तर पर स्वच्छता सर्वेक्षण किया। तीन सदस्य दल ने शहर की साफ-सफाई, उपलब्ध संसाधनों, सामुदायिक और सार्वजनिक शौचालयों आदि का सर्वे कर लोगों से फीडबैक लिया। उन्होंने बताया कि निगम की ओर से स्वच्छता सर्वेक्षण के लिए आवश्यक कागजात अपलोड किए जा चुके है। निगम की ओर से भेजे गए कागजात के आधार पर टीम ने सुविधाओं और संसाधनों का भौतिक सत्यापन किया।
इन नम्बरों का होगा नुकसान
स्वच्छता सर्वेक्षण में इस बार भी ठोस कचरा प्रबंधन प्लांट के नहीं बनने से इसके लिए निर्धारित अंकों का नुकसान शहर को होगा। वहीं निगम क्षेत्र के सभी वार्डो में डोर टू डोर कचरा संग्रहण की व्यवस्था नहीं होने का नुकसान भी होगा। गीले और ठोस कचरे के अलग-अलग संग्रहण के लिए हालांकि निगम की ओर से कुछ स्थानों पर कचरा पात्र भी लगाए गए, लेकिन शहर में इनकी संख्या कम दिखाई देने का असर भी मिलने वाले अंकों पर पड़ सकता है।
मई-जून में आएगा परिणा
निगम की स्वच्छ भारत मिशन शाखा के प्रभारी उपेन्द्र मीणा ने बताया कि देशभर में ३१ जनवरी तक स्वच्छता सर्वेक्षण-२०१९ होगा। निगम क्षेत्र में स्वच्छता सर्वेक्षण का कार्य हो चुका है। उन्होंने बताया कि देश के सबसे स्वच्छ शहरों की सूची और परिणाम मई या जून तक आने की संभावना है। मीणा के अनुसार गत वर्ष की तुलना में शहर की रैंकिंग में और सुधार होगा, इसकी उम्मीद है।





No comments:
Post a Comment