नई दिल्ली। आरजेडी मुखिया लालू यादव की बड़ी बेटी मीसा भारती ने चार दिन पहले एक चौंकाने वाला और गैर लोकतांत्रिक बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि पूर्व आरजेडी नेता राम कृपाल यादव ने जब भाजपा का दामन थामा तो उन्हें ऐसा लगा कि वह चारा काटने वाले गंडासे से उनका हाथ काट दें। उनके इस बयान का जवाब देते हुए पाटलिपुत्र से भाजपा सांसद व केंद्रीय मंत्री राम कृपाल यादव ने भावुक होते हुए कहा कि मीसा भारती मेरी भतीजी हैं। वो मेरी बेटी के समान हैं। अगर मेरा हाथ काट देने से उन्हें खुशी मिलती हो तो वही सही। लेकिन मेरा कटा हुआ हाथ जब भी उठेगा तो उन्हें आशीर्वाद देने के लिए ही उठेगा।
मीसा ने क्या कहा था?
बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद की बेटी मीसा भारती ने पिछले दिनों केंद्रीय मंत्री रामकृपाल यादव को लेकर विवादित बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि पूर्व आरजेडी नेता ने जब भाजपा का दामन थामा तो उन्हें ऐसा लगा कि वह चारा काटने वाले गंडासे से उनका हाथ काट दें। मीसा ने 16 जनवरी को पटना के विक्रम प्रखंड में आरजेडी के नेताओं और कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा था।
दुर्भाग्यपूर्ण बयान
उनके इस अलोकतांत्रिक बयारों के बाद भी पिछले लोकसभा चुनाव में पाटलिपुत्र संसदीय क्षेत्र से मीसा भारती को हराने वाले रामकृपाल यादव ने कहा है कि मीसा भारती मेरी भतीजी है और वह मेरी बेटी के समान है। अगर, मेरे हाथ काट देने से उसकी संतुष्टि होती है, तो मैं उसके लिए तैयार हूं। मेरा कटा हुआ हाथ भी उसे आशीर्वाद देने के लिए ही उठेगा। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि लोकतंत्र में इस तरह का बयान दुर्भाग्यपूर्ण है और ऐसा बयान जनता का कोई सेवक नहीं दे सकता, बल्कि कोई शासक ही दे सकता है। बता दें कि रामकृपाल यादव 2014 के लोकसभा चुनाव से ठीक पहले आरजेडी का दामन छोड़ भाजपा में शामिल हो गए थे। इससे पहले उनकी गिनती आरजेडी के प्रमुख नेताओं में होती थी। आरजेडी में उन्हें कभी लालू का बेहद करीबी और हनुमान तक कहा जाता था।





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