राजलदेसर. रोक के बावजूद कस्बे में प्रबंधित पॉलीथिन की थैलियों धड़ल्ले से बिक रही हैं। एसडीएम संजू पारीक के निर्देशानुसार पालिका प्रशासन की ओर से पहले धरपकड़ की गई थी। लेकिन इसके बावजूद कस्बे के बाजारों समेत विभिन्न इलाकों की दुकानों में पॉलिथिन की बिक्री धड़ल्ले से हो रही है। नगर पालिका प्रशासन द्वारा समय-समय पर कार्रवाई कर दुकनदारों को पॉलिथिन की थैलियों का उपयोग न करने की हिदायत भी दी जाती है। कार्रवाई के बाद कुछ दिन तो पॉलीथिन की बिक्री कम होती है। बाद में स्थिति जस की तस हो जाती है। नाम नहीं छापने की शर्त पर दुकनदारों ने पत्रिका को बताया कि सरकार अगर पॉलिथिन का उत्पादन ही बंद कर दे तो स्वत: ही रोक लग जाएगी। पॉलिथिन नहीं देने पर ग्राहक खरीदा हुआ सामान भी छोड़ जाते हैं। किसी अन्य दुकान जो पॉलिथिन में डालकर देते हैं उनसे ले लेते हैं। इसका निस्तारण करना अति आवश्यक है । कस्बे में पॉलिथिन की बिक्री व उपयोग में कमी नहीं आने का मुख्य कारण लोगों में जागरूकता का अभाव भी है। सब्जीमंडी, किराणा की दुकानों, चाय के ठेलों आदि पर पॉलिथिन व प्लास्टिक का ही उपयोग अधिक हो रहा है। अधिकतर लोग घरेलू सामान खरीदते समय पॉलिथिन थैलियों का उपयोग करते हैं।
पर्यावरण के लिए नुकसान
पॉलिथिन थैलिया पर्यावरण की दृष्टि से भी नुकसानदायक हैं। थैलियों के कारण अधिकतर मोहल्ले में नाले-नालियों के अवरूद्ध होने की समस्या बनी रहती है। कचरे के साथ प्लास्टिक व पॉलीथिन जलाने से निकलने वाला जहरीला धुआं लोगों के शरीर में प्रवेश कर बीमारियों का कारण बन रहा है। धुएं के सम्पर्क में रहने से फेंफड़ों में इंफेक्शन, ब्रेन अटैक, सांस व त्वचा संबंधि रोग होने की आशंका बनी रहती है।
इनका कहना है
पॉलीथिन उपयोग रोकने के लिए समय-समय पर प्रयास किए जा रहे हैं। कई दफा दुकानदारों से समझाइश की जा चुकी है। भविष्य में भी पॉलिथिन बिक्री तथा उपयोग के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। कोई दुकनदार प्रतिबंधित कैरीबैग बिक्री करता पाया गया तो उसके खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सोहनलाल, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका, राजलदेसर





No comments:
Post a Comment