सवाईमाधोपुर. जिला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय से चंद कदमों की दूरी पर स्थित जिला औषधि भंडार के बाहर अवधि पार दवाइयां खुले में पड़ी मिली। इनके उचित तरीके से निस्तारण के लिए कोई व्यवस्था नहीं की गई थी। इधर, आवारा मवेशी इन दवाओं के आस-पास मंडरा रहे थे। वहीं यहां से थोड़ी ही दूरी पर कार्मिक आवास व दूसरे परिसर हैं। इससे यहां आने-जाने वाले लोगों में संक्रमण फैलने की आशंका है।
दवाइयों के कर्टन में मुंह मार रहे थे मवेशी
जिला औषधि भण्डार के बाहर बिखरी पड़ी दवाइयों व दवा के कार्टूनों में मवेशी मुंह मारते नजर आए। कर्टन फटने से दवाइयां बाहर निकलकर फैल गईं। वहीं कई कांच की बोतलें टूट गई, जिससे उनमें भरी दवा बाहर फैल गई।
यह है नियम
यदि कोई दवाई अवधि पार की हो गई है और उनका सेवन अब मानव स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है तो इस प्रकार के दवा के स्टॉक को आबादी से दूर क्षेत्र में जलाकर डिस्पोज करने का प्रावधान है, लेकिन आम तौर पर कार्मिक लापरवाही के चलते ऐसी दवाइयों को इधर-उधर फेंककर इतिश्री कर देते हैं। जो गलत है।
अनहोनी की आशंका
भण्डार के बहार पड़ी दवाइयां अवधि पार की हैं। ऐसे में अनहोनी की आशंका और अधिक बढ़ गई है, लेकिन फि र भी अधिकारी गंभीर नजर नहीं आ रहे हैं।
मिल चुकी हैं दवाइयां
दवाइयों के खुले में पड़े मिलने का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी कई बार खुले में दवाइयां मिल चुकी हैं। 2017 में भी जिला अस्पाताल के मोर्चरी के पास खुले में दवाइयां व सिरिंज आदि पड़ी मिली थीं। एक बार इवाइयों का एक कार्टून मण्डी रोड पर पड़ा मिला था।
जिला औषधि भण्डार में स्टोर की मरम्मत का काम किया जा रहा है। ऐसे में आपूर्ति के लिए भेजी जाने वाली दवाइयों के कर्टन रखे थे। कुछ दवाइयों की आपूर्ति बंद करने के आदेश मिले हैं जिन्हें अब स्टोर में रखवाया जाएगा। ऐसे में हो सकता है कि कुछ दवाइयां अवधि पार की हो। इसकी जांच कराई जाएगी।
डॉ. तेजराम मीणा, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, सवाईमाधोपुर।





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