बालकों को दें अच्छी शिक्षा व संस्कार
हेलमेट पहन दिया सुरक्षा का संदेश
सिवाना . कस्बे में रविवार को जगद्गुरु रामानन्दाचार्य की जयन्ती मनाई गई। इस अवसर पर निकाली गई बाइक रैली में बड़ी संख्या में वैष्णव समाज के युवा हेलमेट पहनकर शामिल हुए। आमजन को सुरक्षा के लिए हेलमेट पहनने का संदेश दिया। मुख्य मार्गों से होकर गुजरी बाइक रैली का लोगों ने स्वागत किया। भन्साली भवन में वैष्णव विकास समिति के तत्वावधान में गादीपति नृत्यगोपालराम, कुसीप ठाकुरद्वारा महंत गोपालशरण विरमत्यागी के सान्निध्य में जयन्ती महोत्सव का सम्मान समारोह आयोजित हुआ। रामानन्दाचार्य की तस्वीर के आगे दीप प्रज्वलित कर महाआरती उतारी गई। उपस्थित जनों ने जगद्गुरु रामानन्दाचार्य के जयकारे लगाए। महंत गोपालशरण विमरत्यागी ने कहा कि बालकों को अच्छी शिक्षा व संस्कार दें। युवा संगठित होकर समाज विकास का कार्य करें। धर्म के मार्ग पर चलते हुए अच्छे कर्म करें। लक्ष्मणदास कोटड़ी ने कहा कि समाज के प्रतिभावान को आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहन करना आवश्यक है। प्रतिभाएं लक्ष्य तय कर कड़ी मेहनत करें। समारोह में समाज के नव चयनित सरकारी कर्मचारियों, समाजसेवियों, खिलाडिय़ों का बहुमान किया गया। समारोह में मन्छाराम वालू, रामदास अर्जियाणा, मदनदास लश्करी सिवाना, मोहनदास कुबावत सिवाना, गौतमदास कुबावत सिवाना, कानदास दिवाकर खाखरलाई, मदनदास कुबावत, पुखराज कुबावत का समिति संरक्षक वलभदास वैष्णव, बजरंगदास वैष्णव, उत्सवदास वैष्णव, शान्तिदास वैष्णव ने बहुमान किया। समारोह में कस्बे व क्षेत्र से बड़ी संख्या में समाज के लोगों ने भाग लिया। निप्र
समदड़ी.कस्बे के वैष्णव छात्रावास में रविवार को वैष्णव समाज के तत्वावधान में जगद्गुरु रामानन्दाचार्य की 719 वीं जयंती समारोह पूर्व मनाई गई। इस दौरान विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन हुआ, जिसमें वैष्णव समाज के लोगों ने बढ़चढ़ कर भाग लिया। जगद्गुरु रामानन्दाचार्य की तस्वीर पर दीप प्रज्वलित कर व आरती उतार कार्यक्रम की शुरुआत की। किशोरदास वैष्णव व महेन्द्र निम्बार्क ने भजनों प्रस्तुतियां दी। कुसीप महन्त गोपालशरण ने जगद्गुरु रामानंदाचार्य की जीवनी पर प्रकाश डालते कहा कि हमें ऐसे गुरु के जीवन से प्रेरणा लेकर उनके बताए रास्ते पर चलना होगा, तभी जीवन सफ ल होगा । अर्जुनदास रातड़ी, फ रसराम, धनीदास, गोविन्द वल्लभ निम्बार्क, घनश्यादास निम्बार्क, अशोक वैष्णव, भवंरदास, जीवनदास, बजरंगदास, बाबुदास आदि ने भी संगठन और शिक्षा पर बल दिया । इस मौके पर समाज की 15 प्रतिभाओं का बहुमान किया गया।





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