राजसमंद. पीपली आचार्यान में फसल खराबे से किसान के आत्महत्या करने के तीसरे दिन मंगलवार को जिला प्रशासन द्वारा विधवा गौरीदेवी के लिए पेंशन की स्वीकृति जारी कर दी गई। साथ ही बच्चों को पालनहार व अन्य कल्याणकारी योजनाओं से जोडऩे के लिए भी आवेदन पत्र तैयार कर लिए हैं।
जानकारी के अनुसार लेहरूलाल कीर की मृत्यु के दूसरे दिन 31 दिसम्बर को ही मृत्यु प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया। भामाशाह कार्ड में गौरीदेवी का विधवा के रूप में नामांकन अपडेट कर दिया और मंगलवार सुबह पेंशन की स्वीकृति के साथ पीपीओ जारी कर दिया गया। इसके अलावा बच्चों को पालनहार योजना से लाभान्वित करने के लिए आवेदन तैयार करवा दिए गए हैं। बीपीएल परिवार का सदस्य होने से मृतक लेहरूलाल के परिजनों को 30 हजार रुपए पन्नाधाय जीवन अमृत योजना से दिलाने के लिए आवेदन भरवा दिया गया। प्रशासनिक जांच के मुताबिक वर्ष 2013-14 में आवास योजना के तहत 70 हजार रुपए मिल चुके हैं, जबकि खाद्य सुरक्षा योजना के तहत प्रतिमाह 25 किलो गेहूं मिल रहे हैं।
शाम को मिले परिजनों से
विभागीय व प्रशासनिक अधिकारी मंगलवार सुबह से ही पीपली आचार्यान गांव के चक्कर काटते रहे, मगर दिनभर खेत व ग्राम पंचायत में ही आते जाते रहे। शाम करीब छह बजे अधिकारी मृतक किसान लेहरूलाल के घर पहुंचे, जहां परिजनों से बातचीत की।
जनप्रतिनिधि से लिया फीडबैक
पीपली आचार्यान ग्राम पंचायत में एडीएम, सीईओ, एसडीएम ने कार्मिकों के साथ मौजूदा व पूर्व सरपंच व पंचों से भी घटना को लेकर फीडबैक लिया। इस दौरान आरआई अनिल यादव, पटवारी केसुलाल गुजर, ग्राम विकास अधिकारी विजयसिंह शक्तावत, राजसमन्द पंचायत समिति एईएन राजन साहू, कृषि पर्यवेक्षक लोभ चन्द लोहार, रोजगार सहायक प्रकाश दमामी, वीसी जगदीश कीर, सरपंच एजीदेवी भील, पूर्व उप सरपंच भंवरलाल देशांतरी, पवन प्रजापत, मोहन भील आदि मौजूद थे।





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