खण्डार. उपखण्ड मुख्यालय पर जिला कलक्टर डॉ. सत्यपाल सिंह ने गुरुवार को तहसील व थानों का निरीक्षण किया। इसमें मिली अनियमितता को लेकर कलक्टर ने उपखण्ड के अधिकारियों व कर्मचारियों को लताड़ लगाई। जिला कलक्टर ने गोठडा ग्राम पंचायत के विस्थापित गांव पादड़ा में सरकारी विद्यालय में निरीक्षण किया।
जहां पर कलक्टर ने बच्चों से सवाल जबाब किए। छोटे बच्चों से श्यामपट्ट पर वर्णमाला के शब्द लिखवाए। इसके बाद ग्रामीणों से रूबरू हुए। ग्रामीणों ने जिला कलक्टर को बिजली पानी, रसद सामग्री के साथ जंगली जानवरों के खतरे से अवगत करवाया। इसके बाद बहरावण्डा कलां थाने का निरीक्षण किया। वहां पर रसोई घर व शौचालयों की स्थिति देखकर थानाधिकारी को सफाई करवाने व जवानों को पौष्टिक आहार अधिक लेने के बारे बताया। उपतहसील के रिकॉर्ड जांच कर दुरुस्त करने के निर्देश दिए। इसके बाद खण्डार थाने के महिला बैरिक, मालखाना, पुरूष बैरिक,जवानों के बैरिक रिकॉर्ड रूम की सफाई व्यवस्थाओं का जायजा लिया। खण्डार थाने में शौचालयों में गंदगी पर थानाधिकारी को सफाई कराने के निर्देश दिए। इसके बाद तहसील मुख्यालय का निरीक्षण किया। तहसील में कई वर्षो से पड़े रिकॉर्ड को जिला मुख्यालय पर जमा करवाने के निर्देश दिए। साथ ही निर्वाचन विभाग मे कार्यरत कर्मचारियों की प्रोग्रेस रिपोर्ट कम मिलने पर फटकार भी लगाई। जिला कलक्टर ने खाद्य सुरक्षा व पेंशन के प्रकरणों को दो दिन में पूरा करने के निर्देश भी दिए।
बजरी खनन पर हो रोक
जिला कलक्टर ने निरीक्षण के दौरान रास्ते में मिले बजरी के अवैध ढेरों को देखकर उपखण्ड अधिकारी व थानाधिकारी को सख्ती से पेश आने की हिदायत दी। सरकारी कार्यालयों में कर्मचारियों के अनुपस्थित रहने पर भी ऐसे कार्मिकों के विरूद्ध कार्रवाई के आदेश दिए।
केसीसी बनाने के एवज मे मांगते है रूपयें
तहसील में निरीक्षण के दौरान लोगों ने जिला कलक्टर को किसान क्रेडिट कार्ड बनाने के लिए रुपए मांगने की शिकायत की। इस पर कलक्टर ने बैंकों की जांच कर रिपोर्ट मांगी।





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