सीकर.
प्रदेश में सरकार बदलते ही बरसों से बेपटरी हो चुके स्वास्थ्य विभाग के ढांचे में सुधार किया जाएगा। चिकित्सा सुविधाओं की अभाव में अब मरीजों को नहीं टरकाया जा सकेगा। विभाग ने प्रदेश के सभी जिलों में चिकित्सक को प्रभारी और एक सलाहकार नियुक्त किया गया है। ये प्रभारी और सलाहकार जिला मुख्यालयों पर ही रहेंगे।
अस्पतालों में चलने वाले चिकित्सा विभाग की सभी योजनाओं की मॉनिटरिंग करेंगे। इसके लिए माह में जिला अस्पताल, उपखंड चिकित्सालय, दो सीएचसी, चार पीएचसी और छह सब सेंटरों की व्यवस्था का निरीक्षण करना होगा। निरीक्षण की खास बात यह होगी कि अधिकारी को निरीक्षण के अगले दिन अपनी रिपोर्ट चिकित्सा विभाग के मुख्यालय को मोबाइल एप पर देनी होगी।
इसके आधार पर मुख्यालय चिकित्सा संस्थान में जरूरी संसाधन उपलब्ध कराएगा। हर माह की रिपोर्ट मौके से मोबाइल एप के जरिए देनी होगी।
इन पर रहेगा जोर
प्रभारी अधिकारी और सलाहकार का सबसे ज्यादा ध्यान संस्थान में स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता, मुख्यमंत्री निशुल्क दवा योजना, मुख्यमंत्री निशुल्क जांच योजना, मौसमी बीमारियों की स्थिति, टीकाकरण, संस्थागत प्रसव, परिवार कल्याण सेवाएं, चिकित्सा संस्थान के भवन, रंगरोगन, सफाई व्यवस्था, अधिकारी व कर्मचारियों की समय पर उपस्थिति, ऑपरेशन थियेटर की कार्यशीलता और बॉयोमेडिकल वेस्ट, विभाग से जुड़ी आवश्यक सेवाएं जिनमे १०८, एमएमयू, जननी सुरक्षा वाहन, मोबाइल डेंटल वेन, आरएसबीके टीम, कार्यालय और संस्थापन संबंधी कार्य, केशबुक का निरीक्षण योजनाओं का व्यय, कार्मिकों की संख्या की रिपोर्ट तैयार करनी होगी।
यह है उद्देश्य
स्वास्थ्य विभाग विशिष्ट शासन सचिव एवं मिशन निदेशक समित शर्मा के अनुसार विभाग की मंशा है कि उपचार की आस में आने वाले मरीजों को राहत देने के लिए प्रदेश और जिला स्तर के बीच तालमेल के अभाव में नहीं अटके। एनएचएच और जनस्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का समाधान जिला स्तर पर ही हो। जिन समस्याओं का समाधान राज्य स्तर पर किया जाना है उसके संबंध में जिला वार लगे प्रभारी व सलाहकार संवादसेतू बने और इन समस्याओं को दूर करवाएं।





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