तिलवाड़ा में रिफाइनरी बाय प्रोडक्ट हब का प्रस्ताव
- फैक्ट फाइल
- 43000 करोड़ से बनेगी रिफाइनरी
- 144 बाय प्रोडक्ट की लगेगी इंडस्ट्री
-800 बीघा जमीन बोरावास (तिलवाड़ा ) के लिए रीको ने भेजा प्रस्ताव
- 6000 प्रकार के उत्पाद बनते हैं क्रूड ऑयल रिफाइन के दौरान
बाड़मेर पत्रिका.
प्रदेश की पहली रिफाइनरी के साथ ही बाड़मेर को बड़ी सौगात रिफाइनरी बाय प्रोडक्ट हब की मिल सकती है। यह हब बोरावास तिलवाड़ा(बालोतरा ) के निकट 800 बीघा सरकारी जमीन पर प्रस्तावित है। रीको ने इसकी तैयारी के साथ ही प्रस्ताव राज्य सरकार को भेज दिया है। रीको यहां की शेष 700 बीघा अन्य जमीन को भी रिफाइनरी के लिहाज से तैयार करने में जुटा है।
पचपदरा में 43000 करोड़ की रिफाइनरी के बाद प्रदेशभर में सबकी निगाहें यहां रिफाइनरीय बायो प्रोडक्ट इंडस्ट्री पर टिकी है। जोधपुर रोड को लेकर संभावनाएं तलाशी जा रही थी। इस बीच प्रशासन की ओर से रीको को 1500 बीघा जमीन तिलवाड़ा में आवंटित की गई। यह जमीन बालोतरा-तिलवाड़ा रोड पर है। इसी रोड पर रीको ने बालोतरा शहर से सटते चार ओद्यौगिक क्षेत्र पहले से आवंटित किए हुए हैं। खेड़ और कलावा गांव के आसपास मुख्य सड़क पर हब के लिए नया क्षेत्र होगा।
800 बीघा जमीन में बनेगा इलाका
800 बीघा जमीन में भूखण्ड काटे जाएंगे जो रिफाइनरी बायो प्रोडक्ट के लिए होंगे। जिसमें मोम, कलर, रबर, डामर सहित सहित करीब 152 प्रकार के प्रोडक्ट्स का निर्माण होगा। इसके लिए बड़ा ओद्यौगिक क्षेत्र बनेगा।
बंजर जमीन होगी खुशहाल
तिलवाड़ा के पास की जमीन क्षारीय क्षेत्र की है। दलदली इस जमीन का उपयोग लंबे समय से नहीं हो रहा था। बायतु के लीलाळा में रिफाइनरी को लेकर विवाद बढ़ा और भूमि मालिकों ने 1 करोड़ रुपए प्रति बीघा की मांग की तो पचपदरा से तिलवाड़ा तक उपलब्ध सरकारी जमीन विकल्प बनी। पचपदरा में रिफाइनरी को जमीन देने के बाद अब इतनी बड़ी जमीन तिलवाड़ा में उपलब्ध होने पर यहां बाय प्रोडक्ट हब प्रस्तावित किया गया है।
प्रस्ताव भेजा है
रिफाइनरी बाय प्रोडक्ट इंडस्ट्री के लिए रीको ने तैयारी की है। बोरावास तिलवाड़ा के पास का 800 बीघा जमीन का प्रस्ताव सरकार को भेज दिया गया है।- प्रवीण गुप्ता, क्षेत्रीय प्रबंधक रीको, बालोतरा





No comments:
Post a Comment