खुले आसमान तले क,ख,ग
-12 कक्षाओं के लिए मात्र 4 कमरे
-खुले में पढऩे को मजबूर बच्चे
सैंपऊ. राज्य सरकार भले ही सरकारी विद्यालयों पर लाखों रुपए खर्च कर सुविधा उपलब्ध कराने का दावा करती हो। लेकिन क्षेत्र के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, कूकरा में अपर्याप्त भवन के चलते बच्चों को खुले आसामान के तले आखर ज्ञान दिया जा रहा है।
भवन में मात्र 5 कमरे
विद्यालय भवन में कुल मात्र पांच कमरे हैं। जिसमें से एक कमरे को रसोई बना रखी है, जिसमें पोषाहार पकाया जाता है। शेष 4 कमरों में ही 12 कक्षाएं संचालित करनी होती हैं। ऐसे में मजबूरन छात्र-छात्राओं को खुले आसमान तले छत पर पढ़ाई करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
जमीन आवंटन भी नहीं
भवन निर्माण के लिए जमीन आवंटन कराए जाने को लेकर स्थानीय नागरिकों की ओर से कई बार अधिकारियों को भी ज्ञापन सौंपकर अवगत कराया गया है। लेकिन आज तक समस्या का समाधान नहीं होने कारण स्थिति जस की तस बनी हुई है।
2014 में हुआ था क्रमोन्नत
वर्ष 2014 में क्रमोन्नत विद्यालय को अभी तक भवन के लिए बजट नहीं मिलने के कारण अभिभावकों व ग्रामीणों में रोष व्याप्त है। वर्तमान समय में विद्यालय में 330 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं और विद्यालय में उनको बैठाने के लिए व्यवस्था नहीं होने कारण एक कक्षा को तो विद्यालय के बगल में बने ग्राम पंचायत भवन में बैठना पड़ता है और कुछ कक्षाओं को छत पर संचालित करना मजबूरी होता है।
उच्चाधिकारियों को कराया अवगत
भवन की कमी के कारण विद्यालय संचालन में परेशानी हो रही है। विद्यालय की स्थिति के बारे में उच्चाधिकारियों को भी जानकारी है
नवीन कुमार, कार्यवाहक प्रधानाचार्य, राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, कूकरा





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