Breaking News
recent

हमारा एसएमएस हॉस्पिटल पूरे देश में इस मामले में आया अव्वल

विकास जैन/जयपुर. मरीजों के इलाज के मामले में जयपुर के सवाई मानसिंह मेडिकल कॉलेज से जुड़े अस्पतालों का कोई सानी नहीं है। इस कॉलेज से जुड़े 10 सरकारी अस्पतालों ने पिछले 1 साल में 60 लाख से अधिक रोगियों को उपचार दिया है। इस अवधि में लगभग 2.65 लाख मेजर-माइनर ऑपरेशन किए हैं। यानी यह कॉलेज देश में तो सिरमौर बना ही, दुनिया में सरकारी सेटअप वाले उन मेडिकल कॉलेजों में भी शुमार हो गया, जहां सर्वाधिक मरीज आते हैं।

मरीजों के उपचार और ऑपरेशन की उक्त उपलब्धि में 50 फीसदी भागीदारी अकेले एसएमएस अस्पताल की है। शेष 50 फीसदी में जेके लोन, जनाना, महिला, गणगौरी, मनोरोग व श्वास रोग संस्थान हैं। मरीज संख्या मामले में दिल्ली का ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज भी एसएमएस से पीछे है। प्राचार्य डॉ. सुधीर भंडारी ने फैकल्टी सदस्यों की बैठक में शुक्रवार को उक्त आंकड़े जारी किए। बताया, शैक्षणिक कार्य के लिहाज से फैकल्टी सदस्यों के 548 शोध पत्र अंतरराष्ट्रीय और इंडेक्स जर्नल्स में प्रकाशित हुए हैं।

 

यों बना सिरमौर
10 सरकारी अस्पताल सम्बद्ध हैं एसएमएस मेडिकल कॉलेज से
01 साल में 60 लाख 66 हजार 397 से ज्यादा लोगों का इलाज किया इन अस्पतालों ने
2.65 लाख ऑपरेशन किए, इनमें 79 हजार 770 मेजर और 1 लाख 85 हजार 188 माइनर ऑपरेशन
50 प्रतिशत उपलब्धि अकेले एसएमएस अस्पताल की है इनमें
548 शोध पत्र हुए प्रकाशित

 

sms

योजनाओं से कभी घटे, कभी बढ़े मरीज
2010 तक 8-10 लाख थी मरीजों की सालाना संख्या एसएमएस में
2011 में तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने नि:शुल्क दवा और बाद में जांच योजना शुरू की तो संख्या बढ़ गई
05 साल पहले भाजपा सरकार ने भामाशाह बीमा योजना शुरू कर खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत भामाशाह कार्ड धारकों का बीमा किया व निजी अस्पतालों में उपचार की सुविधा दी, इससे सरकारी में मरीजों की बढ़ती संख्या कुछ रुकी

 

ये खूबी और यहां सुधार की जरूरत
खासियत
1. अस्पताल की सुविधाओं के प्रति मरीजों का विश्वास
2. विश्वस्तरीय डॉक्टर और उपचार की विश्वसनीयता
3. नि:शुल्क या न्यूनतम खर्च में उपचार


खामियां
1. अधिसंख्य जिलों में एसएमएस जैसे अस्पताल नहीं
2.. निजी में महंगा इलाज, लिहाजा सरकारी अस्पताल पहुंचना मजबूरी
3. प्रदेश के ज्यादातर अस्पतालों में सरकार की मॉनिटरिंग में कमी

 

उपलब्धियां और कसक
- उपलब्धि : बेहतर काम करने की कोशिश
कसक : मरीजों को तत्काल उपचार मिले, वेटिंग खत्म हो
डॉ. धनंजय अग्रवाल, अध्यक्ष, मेडिकल कॉलेज टीचर्स एसोसिएशन, जयपुर

- उपलब्धि : बेहतर सुविधाएं, डॉक्टरों के प्रति मरीजों का विश्वास
कसक : इंफ्रास्ट्रक्चर और नए डॉक्टरों की भर्ती हो, ऑपरेशन की वेटिंग घटाने के इंतजाम हों
डॉ. राशिम कटारिया, सचिव, मेडिकल कॉलेज टीचर्स एसोसिएशन ऑफ राजस्थान

 

सरकार करे ये संकल्प
बनीपार्क, कांवटिया, सेठी कॉलोनी और जयपुरिया अस्पताल का विकास कर एसएमएस जैसी सुविधाएं विकसित करे
झोटवाड़ा, सांगानेर, आमेर क्षेत्र में एक-एक सेटेलाइट अस्पताल शुरू करे
एसएमएस कॉलेज के सभी अस्पतालों को संपूर्ण डिजिटल किया जाए
मैन पावर बढ़ाएं, डॉक्टरों, नर्सेज, तकनीशियन व अन्य स्टाफ की भर्ती हो

 

सुविधाएं जो लोगों को लुभा रही हैं
कैंसर, हृदय, न्यूरोसर्जरी, न्यूरोलॉजी, प्लास्टिक सर्जरी, सर्जरी, मेडिसिन, नेफ्रोलॉजी, कार्डियोथोरेसिक सर्जरी, ट्रोमा सेंटर में विश्वस्तरीय उपचार
एसएमएस की बोनमैरो ट्रांसप्लांट इकाई
जेकेलोन परिसर पूरी तरह वातानुकूलित, बच्चों के लिए किड्स जोन भी, आधुनिक आइसीयू व वेंटिलेटर
महिला और जनाना अस्पताल में रोजाना करीब सवा सौ प्रसव
एसएमएस में हो चुके हैं किडनी, लिवर कैडेवर ट्रांसप्लांट
200 करोड़ की लागत से 8 मंजिला अंगदान संस्थान बनेगा
पृथक से ट्रोमा सेंटर

 

डॉक्टर बोले, सतत सुधार का प्रयास
- एसएमएस की यह बेहतर तस्वीर हमारे लिए काफी उत्साहजनक है। हमारा प्रयास है, सतत सुधार होता रहे।
डॉ. सुधीर भंडारी, प्राचार्य, एसएमएस मेडिकल कॉलेज
- सुविधाओं व डॉक्टरों के प्रति विश्वास ही मरीजों को यहां ला रहा है। इसे कायम रखने, बेहतर बनाने के लिए प्रयासरत रहेंगे। डॉ. डीएस मीणा, अधीक्षक, एसएमएस अस्पताल



Rajasthan Darpan IFTTT

Rajasthan Darpan IFTTT

No comments:

Post a Comment

Powered by Blogger.