सवाईमाधोपुर. अनुसूचित जाति/जनजाति विशिष्ट न्यायालय के न्यायाधीश बालकृष्ण मिश्रा ने शुक्रवार को दुष्कर्म के आरोपी को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। वहीं अर्थदण्ड के 25 हजार रुपए अदम अदायगी के आदेश दिए। दोषी को मूल सजा के अतिरिक्त छह माह का कठोर कारावास भी भुगतना होगा। विशिष्ट लोक अभियोजक ने बताया कि चौथकाबरवाड़ा थाना क्षेत्र के भेड़ोला गांव निवासी पीडि़ता ने 25 नवम्बर 2014 को पुलिस अधीक्षक को एक रिपोर्ट पेश की थी। इसमें बताया कि उसके गांव का हेमराज मीणा काम दिलाने के बहाने दो अन्य युवतियों के साथ 11 नवंबर 2014 को पास के पावर हाउस पर ले गया।यहां काम के दौरान बहाने से उसे एक सूने मकान में भेजा गया।
यहां पहले से घात लगाकर बैठे पप्पू गुर्जर, हेमराज, मनीष बैरवा व राजू कलाल ने उसके साथ दुष्कर्म किया। वहीं विरोध करने पर बच्चों व उसे जान से मारने की धमकी दी। इसके करीब तीन दिन बाद एक बार फिर से हेमराज मीणा देर रात उसके घर आया और जबरदस्ती करने की कोशिश की, लेकिन जाग होने से भाग गया। घटना के बाद पीडि़ता ने चौथ का बरवाड़ा थाना पुलिस को मामला दर्ज करवाया। पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए आरोपियों के खिलाफ सक्षम न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया। मामले की सुनवाई के पश्चात आरोपी हेमराज मीणा को दोषी मानते हुए उपरोक्त सजा सुनाई गई। वहीं शेष तीन मुल्जिमों के खिलाफ धारा 376 में प्रसंज्ञान लेते हुए गिरफ्तारी वारंट से तलब किया है। इधर, न्यायिक प्रक्रिया के बाद आरोपी हेमराज को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया।





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