सरदारशहर. बीमा क्लेम सहित विभिन्न मांगों को लेकर अखिल भारतीय किसान सभा के बैनर तले क्षेत्र के किसानों ने राजासर बीकान गांव में स्थित बड़ौदा राजस्थान क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक के आगेधरना दिया। किसान सभा के प्रदेश महामंत्री छगनलाल चौधरी ने धरने को संबोधित करते हुए बताया कि बीमा कम्पनी व सरकार किसानों का शोषण कर रही है। उनका वाजिब हक नहीं दे रही है। उन्होंने कहा कि बैंक में करीब 700 किसानों का प्रीमियम काटा गया। जिसमें सिर्फ 36 किसानों को क्लेम मिला है और उसी में अनेक त्रुटियां है जिसके कारण किसानों को दर-दर की ठोकरे खाने को मजबूर होना पड़ रहा है। काशीराम सारण, माकपा के युवा नेता रामकृष्ण छिम्पा, डूंगरराम बेनीवाल, किसनलाल सोनी, सांवरमल डूडी, कल्यानाराम सारण, बाबूलाल सहित बड़ी संख्या में उपस्थित किसानों ने धरना दिया। धरने की सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। धरने के दौरान बैंक के प्रबन्धक से वार्ता हुई। जिसमें आश्वासन मिलने के बाद किसानों ने अपना धरना समाप्त करने की घोषणा की तथा चेतावनी दी कि 15 दिन में समस्या का निराकरण नहीं हुआ तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
गांव लुटाणा सदासुख में किसानों की बैठक
सादुलपुर. अखिल भारतीय किसान सभा तहसील कमेटी उपशाखा की बैठक गांव लुटाणा सदासुख में सुबेसिंह की अध्यक्षता में हुई। बैठक में किसानों को कर्जा मुक्त करने, फसल की लागत का डेढ़ गुना भाव देने, बेरोजगारों को रोजगार देने, बुजुर्गों को पांच हजार रुपए प्रतिमाह पेंशन देने की मांगों का प्रस्ताव लेकर सरकार को भेजा गया। इस अवसर पर कमेटी में मंत्री रामकुमार, महावीर, रामनिवास, जयसिंह, बालचंद, बसंती देवी, शकुंतला आदि ने भागीदारी निभाई। भगतसिंह ने कहा कि किसानों का शोषण सरकार बंद कर दे। अन्यथा संघर्ष का मुकाबला करने की तैयारी शुरू कर दे। बनवारीलाल ने भी विचार व्यक्त किए।
अभावग्रस्त गांवों में कृषि आदान-अनुदान के लिए डाटा मांगे
रतनगढ़. रतनगढ़ तहसील के वर्ष २०१७ के अभावग्रस्त ६० गांवों में कृषि आदान अनुदान वितरित करने के लिए किसानों से डाटा मांगे गए हैं। अनुदान के लिए पात्र काश्तकार अपने डाटा यथा आधार कार्ड नंबर, बैंक खाता व मोबाइल नम्बर आदि संबंधित पटवारी को उपलब्ध करवाएं। तहसीलदार गोकुल दान चारण ने बताया कि एक साल से ये काम जारी होने के बावजूद सभी काश्तकारों ने अपने डाटा उपलब्ध नहीं करवाए हैं। चारण ने बताया कि अनुदान सूचि में शामिल सभी काश्तकार ३१ जनवरी तक डाटा पटवारी को उपलब्ध कराएं।





No comments:
Post a Comment