बहरावण्डा खुर्द. दौलतपुरा ग्राम पंचायत के क्यारदा खुर्द गांव के खेतों में चर रही बकरियों के झुण्ड पर शनिवार देर शाम बाघ ने हमला कर दिया और तीन बकरियों को अपना शिकार बना लिया। पीडि़त चरवाहे ने झाडिय़ों में छिपकर अपनी जान बचाई। इधर, आबादी क्षेत्र सहित खेतों की ओर बाघ के मूवमेन्ट से आस-पास के ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।क्यारदा खुर्द निवासी रामप्रसाद गुर्जर बताया कि वह अपने खेत पर बकरियां चरा रहा था जो सवाई मानसिंह अभयारण्य के कण्डूली वनक्षेत्र के पास है। अचानक टाइगर ने चर रही बकरियों के झुण्ड पर हमला कर दिया। उसने समीप की झाडिय़ों में कुछ बकरियों सहित शरण ली और अपनी जान बचाई। टाइगर ने उसकी तीन बकरियों को एक-एक कर मार दिया। पीडि़त ने टाइगर के हमले की सूचना गांव वालों को दीए जिससे ग्रामीणों में दहशत छा गई और कई किसान रात को अपने खेतों की ओर नहीं गए। रविवार सुबह टाइगर के हमले की सूचना ग्रामीणों द्वारा वन विभाग के बोदल नाका को दी। ग्रामीणों की सूचना पर बोदल नाके के कर्मचारी घटनास्थल पर पहुंचे और घटनास्थल का मौका मुआयना किया।
मिले पगमार्क
वन विभाग ने घटनास्थल पर मौका मुआयना किया तो वहां पर टाइगर के पगमार्क मिले, जिनके आधार पर टाइगर टी-42 होने की पुष्टि की। जानकारी के अनुसार कण्डूली वनक्षेत्र में टाइगर टी-42 का मूवमेन्ट बना रहता है। टाइगर अपने वनक्षेत्र से निकलकर शिकार की तलाश में खेतों की ओर आ जाता है।
क्यारदा खुर्द के खेतों में टाइगर टी-42 के पगमार्क मिले हैं यहां तीन बकरियों का शिकार किया है। पीडि़त पशुपालक को उचित मुआवजा दिलवाने की कार्रवाही की जाएगी।
निरंजन सिंह, वनपाल, नाका बोदल, बहरावड खुर्द





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