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डेढ़ घंटे चली बैठक में हंगामे के बीच शहर विकास का बजट पारित, सभापति ने बात नहीं सुनी तो विपक्ष टेबल पर चढ़ा

पाली।
नगर परिषद की साधारण सभा की बैठक शनिवार दोपहर को नगर परिषद सभागार में आयोजित हुई। करीब डेढ़ घंटे चली बैठक काफी हंगामेदार रही। सभापति ने बात नहीं सुनी तो एक बार तो प्रतिपक्ष नेता सहित कांग्रेस के कई पार्षद कुर्सी छोड़ टेबल पर खड़े हो गए। विपक्ष के आरोपों व विरोध के बीच शहर विकास को लेकर वित्तीय वर्ष 2019-2020 के लिए 253 करोड़ 71 लाख 24 हजार रुपए का बजट सत्ता पक्ष ने ध्वनि मत से पारित किया गया जो गत वर्ष से 11 करोड़ 67 लाख 38 हजार अधिक रहा।

राज्य में कांग्रेस सरकार का असर बैठक में कांग्रेस पार्षदों के शब्दों में देखने को मिला। एक घंटे 34 मिनट तक चली नगर परिषद बोर्ड की 12वीं बैठक में विपक्ष भाजपा बोर्ड के सभापति को घेरने के मूड में नजर आया। शहरवासियों के पट्टे अटकने, सेसकर समाप्त कर आय का दूसरा साधन विकसित नहीं करने, भाजपा कार्यालय के लिए भूमि देने, सडक़-नाली की बदहाल व्यवस्था, सर्वोदय नगर बदहाल नाला जैसे एक के बाद एक सवाल दागकर प्रतिपक्ष नेता सहित कांग्रेस के कई पार्षदों ने सभापति को घेरने का प्रयास किया। इसके साथ ही एक ही व्यक्ति को एक साथ कई भूखण्डों के पट्टे जारी करने, विकास कार्य में कांग्रेस पार्षदों के साथ भेदभाव पूर्ण नीति अपनाने, सत्ता पक्ष के कुछ पार्षदों को ठेकेदार बनाने तक के आरोप नगर परिषद प्रतिपक्ष नेता भंवर राव, पार्षद सीताराम शर्मा, मोनू मेघवाल, रमेश चावला, जन्नत खोखर, नर्बदा बंजारा ने बैठक में लगाए। जिनके जवाब विधायक ज्ञानचंद पारख, सभापति महेन्द्र बोहरा, उपसभापति मूलसिंह भाटी, पार्षद राकेश भाटी, तिलोक चौधरी, विकास बुबकिया, सुरेश चौधरी सहित भाजपा के कई पार्षद देते नजर आए। बैठक में विधायक ने भी शहर विकास में कराए गए कार्य गिनाए।

बैठक में पारित बजट का गणित
बजट पारित - वर्ष 2019-20 के लिए 253 करोड़ 71 लाख 24 हजार रुपए। जो गत वर्ष से 11 करोड़ 67 लाख 38 हजार रुपए ज्यादा है।
कहां से आएगा पैसा
- कर राजस्व - नगरीय विकास कर, चुंगी पुनर्भरण से 3865 लाख।
- निकाय सम्पत्तियों से किराया - टाउनहॉल, पार्किंग फीस, दुकान किराया, सामुदायिक केन्द्र किराया से 63 लाख रुपए।
- कृषि भूमि रजिस्टे्रशन से - 265 लाख।
- लीज से - 440 लाख।
- पूंजीगत प्राप्तियां - 102 करोड़। (एमपी फंड, 13-17वें वित्त के तहत अनुदान, राज्य वित्त आयोग से, स्वच्छ भारत मिशन, बिजली अनुदान, अमृत योजना, प्राकृतिक आपदा अनुदान आदि)
कहां होगा खर्च -
राजस्व व्यय - 5634 लाख संस्थापन व्यय, 278 लाख प्रशासनिक व्यय, परिचालन एवं संधारण व्यय - 1284 लाख, 300 लाख ब्याज व वित्तिय व्यय, 75 लाख राजस्व अनुदान, अंशदान एवं सहायता , 30 लाख पार्षद मानदेय, 20 लाख सामाजिक दायित्वों का निर्वहन।

बैठक में यह उठे सवाल
1- एक लोगों का फायदा पहुंचाने जगदम्बा नगर में जहां बस्ती नहीं वहां भी बना दी डामर सडक़ें।
2- पट्टों के लिए आमजन भटक रहे खास लोगों को एक साथ कई पट्टे हो रहे जारी।
3- सर्वोदय नगर की बदहाल स्थिति कब सुधरेगी।
4- कई बार प्रदर्शन फिर भी नहीं बन रही सरस डेयरी से हाउसिंग बोर्ड की तरफ जाने सडक़।
5- सेसकर समाप्त करने से प्रतिवर्ष नगर परिषद को चार करोड़ का घाटा, इसकी पूर्ति के लिए क्या किया।
6- स्वस्थ भारत मिशन के तहत शौचालय बनाने वालों के रुपए नहीं आए, एससी टॉयलेट बनाने का किया फायदा।
7- बदहाल मंडिया रोड की स्थिति कब सुधरेगी।
8- नहर गंदा नाला बन रही है कब होगी सफाई।
9- शौर्य पथ का निर्माण कब होगा शुरू।
10- जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए लगाने पड़ते है चक्कर।

सत्ता पक्ष के जवाब
1- सभापति ने कहा जरूरत थी इसलिए बनवाई, दूसरी जगह भी बनवाएंगे।
2- आरोप निराधार, 5589 पट्टे जारी किए, हाईकोर्ट में मामला होने से ज्यादा पट्टे जारी नहीं कर सके।
3- समस्या सालों से गत बोर्ड ने समाधान के लिए क्या किया।
4- कार्यादेश हुआ, जल्द कार्य शुरू होगा।
5- उद्योग को जितना रखने के लिए यह कदम उठाना जरूरी था।
6 - नगर परिषद कार्यकारी एजेंसी, मुख्यालय से आता है पैसा।
7 - कोई उचित जवाब नहीं दिया।
8 - कोई उचित जवाब नहीं दिया।
9 - फरवरी अंत तक निर्माण कार्य शुरू करने का आश्वासन।
10 - एकल खिडक़ी खोलने का आश्वासन।

हंगामे के बीच चुट्कियां
- इशारों-इशारों में उपसभापति भाटी ने प्रतिपक्ष नेता राव पर सरकारी जमीन पर अतिक्रमण करने का आरोप लगाया तो उन्होंने भी उपसभापति को पट्टा विशेष उपसभापति का दर्जा दे दिया।
- कांग्रेस छोड़ भाजपा का दामन थामने वाले पार्षद मुकेश गोस्वामी बोलने लगे तो कांग्रेस पार्षद एक साथ बोले तुम तो चुप रहो तो ही सही रहेगा।
- सत्ता पक्ष के पार्षद अशोक बंजारा ने सवाल उठाया कि जगदम्बा नगर में पट्टे नहीं बन रहे तो पार्षद सीताराम शर्मा ने कहा तुम्हारा बोर्ड था चार साल हो अब मांग उठा रहे हो, नींद में थे किया।
- विधायक पारख ने विपक्ष को निशाना बनाते हुए कहा पांच बार जीतकर आना आसान नहीं, सामने एक प्रत्याशी हो या दो जीत कर आया हूं, इसमें कुछ योगदान आपका भी है।

पट्टों के मामले में विपक्ष के साथ सत्ता पक्ष ने भी आयुक्त को घेरा
- पट्टे जारी करने के मुद्दें पर उपसभापति भाटी ने कहा कि मैने दो फाइलें भेजी, आठ माह से अधिक समय हो गया अभी तक पट्टे जारी नहीं किए आयुक्त महोदय ने।
- पार्षद बुबकिया ने भी क्रमवार पट्टे जारी नहीं हो का आरोप लगाया।
- पार्षद किशोर सोमनानी ने कहा कि परिषद से कई फाइले गायब हो गई, मामला दर्ज क्यों नहीं करवाया जाता।



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