लक्ष्मणसिंह राठौड़ @ राजसमंद
श्री क्षेत्रपाल भैरूजी मंदिर में भेंटपेटी लगाने, बैंक खाता खुलवाकर मंदिर प्रबंधन व्यवस्था प्रशासन के हाथ में लेने के प्रयास उपखंड अधिकारी नाथद्वारा की फाइलों में दबकर रह गए। दो साल में जिला कलक्टर द्वारा छह नोटिस दे दिए, मगर मंदिर प्रबंधन व्यवस्था प्रशासनिक नियंत्रण में लेने की कार्रवाई कमेटी गठन व बैठकों से आगे नहीं बढ़ पाई। अब तक चल-अचल सम्पत्ति को सूचीबद्ध कर अधिग्रहण किया और न ही बैंक खाता खुल पाया है।
यह खुलासा सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत उपखंड कार्यालय नाथद्वारा से प्राप्त दस्तावेजों से हुआ। रिकॉर्ड के मुताबिक 24 नवंबर 2016 को ही देवस्थान अतिरिक्त आयुक्त ने एसडीएम नाथद्वारा को स्पष्ट निर्देश दिए कि शिशोदा मंदिर प्रबंधन को प्रशासनिक नियंत्रण में लेने की कार्रवाई 7 दिसंबर 2009 के स्थायी आदेश के तहत की जाए। अतिरिक्त देवस्थान आयुक्त ने 22 दिसंबर 16, 20 फरवरी 2017 को एसडीएम नाथद्वारा को कार्रवाई के निर्देश दिए गए। इसी तरह अतिरिक्त जिला कलक्टर द्वारा 6 दिसम्बर 2016 को जांच कर तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगी गई। संभागीय आयुक्त उदयपुर के आदेश पर जिला सतर्कता समिति में प्रकरण दर्ज हुआ और एडीएम ने 10 मार्च 17 को एसडीएम नाथद्वारा से सात दिन में जांच रिपोर्ट मांगी। फिर बिना कार्रवाई के प्रकरण को रद्द कर दिया। उसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हो पाई।
कलक्टर के सख्त आदेश, कार्रवाई नहीं
17 अप्रेल 17 को कलक्टर अर्चना सिंह ने पत्रिका की खबरों पर संज्ञान लेकर उपखंड अधिकारी नाथद्वारा को निर्देश दिए कि स्थायी समिति गठन को सक्रिय कर हर तीन माह में बैठक आयोजित करें। साथ ही शिशोदा मंदिर प्रबंधन व्यवस्था सुचारू करें।
4 जुलाई 2017 को कलक्टर पीसी बेरवाल ने उपखंड अधिकारी नाथद्वारा को नोटिस जारी कर पूछा कि मंदिर में क्या क्या व्यवस्था है। मंदिर में दानपेटी रखने, कमेटी गठन व बैंक खाता खुलवाने संबंधी क्या व्यवस्था की गई है। तथ्यात्मक रिपोर्ट प्रस्तुत करें।
16 जून 2018 को कलक्टर आनन्दी ने एसडीएम नाथद्वारा को नोटिस देकर जवाब मांगा कि 7 दिसंबर 09 के आदेश पर गठित स्थायी समिति की बैठक न्यूनतम 3 माह में कब कब हुई। बैठक कार्रवाई विवरण की प्रतियों के साथ अब तक की गई कार्रवाई रिपोर्ट प्रस्तुत करें।
4 सितम्बर 2018 को कलक्टर श्यामलाल गुर्जर ने एसडीएम नाथद्वारा को नोटिस जारी किया। नोटिस में जवाब मांगा कि शिशोदा में मंदिर प्रबंधन व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित करने के संबंध में उक्त समिति की बैठक कब कब हुई। बैठक कार्रवाई विवरण की प्रतियां व आपके द्वारा की गई कार्रवाई की रिपोर्ट बार बार लिखा जाने के बावजूद प्रगति रिपोर्ट अब तक अपेक्षित है।
15 अक्टूबर 2018 को एडीएम राकेश कुमार ने एसडीएम नाथद्वारा को नोटिस देकर 16 अगस्त 18 को बैठक में लिए गए निर्णयों पर तय समयावधि में क्रियान्वयन की पालना रिपोर्ट मांगी।
निर्णय पर नहीं हुआ अमल
मंदिर में दानपेटी लगाना, कमेटी का बैंक खाता खुलवाना के निर्णय हुए। इसके लिए तत्कालीन कलक्टर पीसी बेरवाल ने एसडीएम को निर्देश दिए, मगर कार्रवाई नहीं हो पाई। एसडीएम नाथद्वारा द्वारा 26 जुलाई 2017 को तहसीलदार नाथद्वारा की अध्यक्षता में कमेटी गठित कर मंदिर प्रशासनिक नियंत्रण में लेने की कार्रवाई करने के निर्देश दिए। फिर एसडीएम नाथद्वारा द्वारा 25 जुलाई 18 को पहली और 16 अगस्त 18 को दोबारा बैठक आयोजित कर पंचायत समिति खमनोर बीडीओ व तहसीलदार के नाम से संयुक्त बैंक खाता खोलने, मंदिर सम्पत्ति सूचीबद्ध करने, मंदिर के जेवर बैंक के लॉकर में रखने, केशबुक, चैक बुक, भुगतान पत्रावली, स्टॉक रजिस्टर, भेंटपेटी की चाबी व अन्य रिकॉर्ड तहसील कार्यालय नाथद्वारा में रखने का निर्णय हुआ, मगर उस पर कार्रवाई आज तक नहीं हो पाई।
एसडीएम के हाथ सारी कार्रवाई
शिशोदा मंदिर में चढ़ावे की धांधली सर्वव्यापी है। अब मंदिर को प्रशासनिक नियंत्रण में लेने की सारी कार्रवाई उपखंड अधिकारी नाथद्वारा को ही करनी है। हमारे विभाग में ट्रस्ट के लिए आवेदन किया, मगर कार्रवाई के लिए किसी ने रूचि नहीं दिखाई। स्पष्ट है कि वे ट्रस्ट गठन नहीं चाहते हैं। ऐसे में मंदिर को उपखंड स्तर पर प्रशासनिक नियंत्रण में लेना ही उचित विकल्प है।
जतिन गांधी, सहायक आयुक्त देवस्थान विभाग खंड उदयपुर
चुनाव से लंबित, अब कार्रवाई
शिशोदा मंदिर में दानपेटी लगाने, समिति गठन, बैंक खाता खोलने की कार्रवाई जल्द की जाएगी। इसके लिए तहसीलदार को निर्देश दे दिए हैं। चुनाव की वजह से यह कार्य प्रभावित हुआ।
निशा, उपखंड अधिकारी नाथद्वारा





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