भीलवाड़ा।
सोलर प्लांट पर जीएसटी औसत दर पांच से 8.9 प्रतिशत करने को उद्यमी खुद के लिए झटका लगा है। इससे विविंग उद्योग में लगाए जाने वाले सोलर प्लांट पर ब्रेक की आशंका पैदा हो गई।
कुछ समय पहले सिंथेटिक वीविंग मिल्स एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय पेड़ीवाल और सचिव रमेश अग्रवाल ने उर्जा मंत्री बीडी कल्ला से इस दर को यथावत रखने की मांग की थी।
अब सरकार ने सोलर प्रोजेक्ट की लागत के 70 प्रतिशत भाग पर 5 प्रतिशत तथा शेष 30 प्रतिशत पर 18 प्रतिशत जीएसटी का निर्णय लिया है।
इससे प्रोजेक्ट लागत बढऩे के साथ उद्योगों पर भार बढ़ेगा। सचिव रमेश अग्रवाल ने बताया कि लागत बढऩे से जो उद्यमी सोलर प्रोजेक्ट लगाने के लिए प्रयास कर रहे थे, उस पर रोक लगेगी।
राजस्थान में अन्य राज्यों की अपेक्षा बिजली की दरें ज्यादा होने के बावजूद लागत कम करने के लिए उद्यमी अपने पैसों से सोलर प्लांट लगा रहे थे ताकि दूसरे राज्यों के व्यापारियों से लागत मूल्य में उनके बराबर में माल बेच सके।





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