नई दिल्ली। भारतीय बल्लेबाजी की रीढ़ की हड्डी कहे जाने वाले चेतेश्वर पुजारा का आज 31वां जन्मदिन है। 25 जनवरी 1988 को गुजरात के राजकोट में जन्मे पुजारा जब मैदान पर बल्लेबाजी करने उतरते हैं तो अच्छे-अच्छे गेंदबाजों की हालत खराब हो जाती थी। ऐसा ही कुछ हालही में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेली गई चार मैचों की टेस्ट सीरीज के दौरान हुआ। इस सीरीज के दौरान पुजारा ने एक बार फिर मैराथन पारी खेली और 373 गेंदों का सामना करते हुए 193 रन ठोके। इस दौरान ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज इतने हताश हो गए कि उनके एक गेंदबाज ने पुजारा से ये तक पूछ डाला कि आप बल्लेबाजी करते-करते बोर नहीं हुए।
खेली थी मैराथन पारी -
इस सीरीज कि चौथे टेस्ट मैच के पहले दिन पुजारा ने एक चोर से शानदार बल्लेबाजी करते हुए ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों की नाक में दम कर दिया। ऑस्ट्रेलिया ने भारत का पहला विकेट लोकेश राहुल कि रूप में जल्द गिरा दिया। राहुल कि बाद बल्लेबाजी करने उतरे पुजारा ने युवा बल्लेबाज मयंक अग्रवाल के साथ मिलकर दूसरे विकेट के लिए 116 रन की साझेदारी की। इस दौरान पुजारा ने शानदार शतकीय पारी खेलते हुए 22 चौकों की मदद से 193 रन ठोके। पुजारा ने दो दिन तक बल्लेबाजी की। उनकी इस मैराथन पारी से तंग आकर कंगारू गेंदबाज नाथन लियोन ने उनसे पुछा "बल्लेबाजी करते-करते बोर नहीं हुए अबतक।" अपने करियर के बेहद शानदार फॉर्म से गुजर रहे पुजारा ने इस मैच में टेस्ट करियर का 18वां शतक लगाया।
पुजारा ने ठोके 500 से ज्यादा रन -
बता दें पुजारा ने इस सीरीज में शानदार बल्लेबाजी करते हुए तीन शतक की मदद से 500 से ज्यादा रन ठोके। पुजारा ने इस दौरे पर चार टेस्ट मैचों की सात पारियों में 74.43 की बेमिसाल औसत से 521 रन बनाए जिसमें तीन शतक शामिल है। इस सीरीज में पुजारा ठीक वैसे ही विकेट के सामने दीवार की तरह अड़े रहे जैसे राहुल द्रविड़ अड़ा करते थे।





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