सवाईमाधोपुर. रणथम्भौर रोड को शहर का सबसे व्यस्ततम और वीआईपी मार्ग माना जाता है। इसके बाद भी रणथम्भौर रोड दुर्दशा का शिकार है।
पूर्व में यहां मार्ग में डिवाइडर लगाने के लिए सार्वजनिक निर्माण विभाग की ओर से प्रस्ताव भेजा गया था, लेकिन प्रस्ताव को वित्तीय स्वीकृति नहीं मिलने के कारण मामला अटका हुआ है। अगर रोड पर डिवाइडर होता तो शुक्रवार को कैंटर से हुए हादसे को रोका जा सकता था।
नौ करोड़ का भेजा था प्रस्ताव
सार्वजनिक निर्माण विभाग की ओर से करीब ढाई साल पूर्व रणथम्भौर रोड के सौन्दर्यीकरण के लिए करीब नौ करोड़ की लागत का प्रस्ताव बनाकर भेजा गया था। इसमें हम्मीर सर्किल से गणेश धाम तक सौन्दर्यीकरण की योजना थी। करीब आठ किमी लम्बे इस रोड के बाई ओर निर्माण कार्य किया जाना था, लेकिन मार्ग के बीच में दो किमी तक बिजली, टेलीफोन पेयजल लाइन की बाधा थी। इसमें डीएफओ कार्यालय के पास स्थित पुलिया को चौड़ा करने का कार्य भी शामिल था।
बोर्डिंग पैलेस दूर होना भी है कारण
पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोगों ने बताया कि विभाग ने करंट बुकिंग बंद कर पूरी बुकिंग को ऑनलाइन कर दिया है। ऐसे में शिल्पग्राम स्थित बुकिंग विण्डो पर महज वाहनों के बोर्डिंग पास ही जारी किए जा रहे हैं, लेकिन टिकट विण्डों के दूर होने के कारण वाहन चालक वाहन तेज चलाते हैं। ऐसे में आए दिन हादसे हो रहे हैं। लोगों के बुकिंग विण्डो को पुराने स्थान पर ही लाने की मांग की है।
पूर्व में भी हो चुके हैं हादसे
करीब डेढ़ साल पहले ही एक जिप्सी ने सरस डेयरी के पास बाइक सवार को टक्कर मार दी थी, इससे बाइक सवार एक जने की मौके पर ही मौत हो गई थी और महिला घायल हो गई थी। इसके बाद भी विभाग सुध नहीं ले रहा है।
यह था प्रस्ताव में खास
3 मीटर की फुटपाथ बननी थी
3 मीटर का साइकिल टे्रक बनना था
8 किमी का सौन्दर्यीकरण होना था
3 फीट फुलवारी का निर्माण होना था
19 करोड़ का था प्रस्ताव का बजट
पूर्व में इस संबंध में प्रस्ताव भेजा गया था, लेकिन वित्तीय स्वीकृति नहीं मिलने के कारण काम नहीं हो सका। अब फिर से इस दिशा में प्रयास किए जाएंगे।
आरसी गुप्ता, अधिशासी अभियंता, पीडब्ल्यूडी, सवाईमाधोपुर।





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