बालेर. क्यारदा कलां पंचायत के राउमावि चितोला स्कूल में अनियमितताओं के चलते विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने सोमवार को विद्यालय में कक्षाओं का बहिष्कार कर मुख्य द्वार पर ताला जड़ दिया। अभिभावकों द्वारा समझाइश कर बच्चों को विद्यालय में बैठाया गया और प्रधानाचार्य के खिलाफ रोष जताया। अभिभावकों द्वारा प्रशासन से सात दिवस में प्रधानाचार्य की कार्यप्रणाली की जांच नहीं होने पर आंदोलन व तालाबंदी की चेतावनी दी गई। छात्रों ने आरोप लगाया कि प्रधानाचार्य बाबूलाल कटारिया द्वारा अपने पद का दुरुपयोग कर नियमित विद्यालय नहीं आने, विकास कोष की राशि का दुरुपयोग करने, मुख्यमंत्री नि:शुल्क साइकिल वितरण योजना में छात्राओं से 50-50 रुपए वसूलने, छात्र-छात्राओं को खुले में जाकर पेशाब के लिए मजबूर करने सहित कई अनियमितताएं की जा रही है।
विद्यार्थियों ने 7 दिवस में पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच नहीं होने पर विद्यालय पर तालाबंदी कर आंदोलन की चेतावनी दी। छात्र आशीष शर्मा ने बताया कि हमें आज तक कोई प्रेक्टिकल नहीं करवाया गया। जब पे्रक्टिकल करवाने को कहा तो सामग्री नहीं होने की बात कही। छात्रा रामा तैली, पिंकी सेन, मांगी बैरवा ने बताया कि शौचालय गंदे पड़े है। हमसे शौचालयों की सफाई करवाई जाती है। नहीं करने पर डांटते हैं। मिड डे मिल बनाने वाली भरोसी बैरवा ने बताया कि उसे चार महिने से राशि नहीं दी गई है। इसके चलते सोमवार को पोषाहार नहीं बनाया गया। वहीं ग्रामीण कमलेश सिंह, राजमोहन गुर्जर, राहुल सिंह आदि ने भी समस्याएं बताई। बच्चों व गांव के लोगों द्वारा लगाए गए आरोप निराधार है। स्कूल की सभी व्यवस्थाएं सही है। बजट की वजह से फर्श दरीपट्टी कम है। सीबीइओ प्रभाती लाल बैरवा ने बताया कि फोन पर सूचना मिली है। पूरे मामले की जांच करवाएंगे।





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