लक्ष्मणसिंह राठौड़ @ राजसमंद
प्रदेश में खेती से घर गुजारा चलाने वाले किसानों को उनके हक का परिलाभ प्राप्त करने के लिए भी विभागीय कार्मिक, अफसरों को रिश्वत देनी पड़ रही है। बीज, फसल उपज, नरेगा से खेती के उत्थान, नामान्तरण से लेकर कृषि योजनाओं का लाभ लेने तक किसान का कोई भी कार्य बिना रिश्वत दिए नहीं होता। कृषि महकमे के साथ ही हर महकमे के कार्मिक, अफसरों द्वारा किसानों से रिश्वत ली जा रही है।
यह खुलासा पत्रिका टीम ने भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो राजसमंद में तीन साल का रिकॉर्ड खंगाला, तो किसानों से रिश्वत लेने के कई मामले सामने आए। कृषि विभाग के साथ ही पुलिस, प्रशासन, राजस्व, पंचायतीराज, अजमेर विद्युत वितरण निगम, उद्यान विभाग, मत्स्य विभाग तक किसानों से रिश्वत मांगने व लेते हुए कई कार्मिक और अफसरों को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के दल द्वारा पकड़ा गया। कुछ प्रकरण ऐसे भी सामने आए, जिसमें रिश्वत नहीं देने तक आवेदन या फाइल चार से छह छह माह से अटकी रही। जैसे ही रिश्वत की पेशकश की, तो कार्मिक व अफसरों तत्काल उसे योजना का परिलाभ दिलवाने का वादा कर लिया।
पट्टे, नामांतरण के लिए रिश्वत
टोगी निवासी कुशालसिंह के मां व मामा के नाम जमीन का नामान्तरण खोलने की एवज में दो हजार की रिश्वत लेते टोगी पटवारी मिठूसिंह रावत को 23 अगस्त 2018 को एसीबी भीलवाड़ा ने गिरफ्तार किया। लंबे समय से पटवारी ने नामान्तरण का आवेदन अटका दिया, बाद में पीडि़त ने खर्चा पानी (रिश्वत) का प्रस्ताव रखा, तो बारह हजार की रिश्वत मांगी। इससे पहले उसरोल, भोपालसागर, चित्तौडग़ढ़ के कैलाश जटिया ने उसकी पत्नी पारसदेवी के नाम भूखंड नामान्तरण की एवज में 1500 रुपए रिश्वत लेते फलासिया पटवारी रियाज खान को 31 मार्च 17 को एसीबी राजसमंद ने रंगे हाथ गिरफ्तार किया।
पैसे बिना पुलिस में सुनवाई नहीं
खातेदारी जमीन पर अतिक्रमण करने, डराने, धमकाने की रिपोर्ट पर कार्रवाई करने व जमीन की नपती कराने की एवज में भीलवाड़ा की कास्या पुलिस चौकी के जवानों ने तीस हजार की रिश्वत मांगी। भारमल बंजारा से 30 हजार की रिश्वत लेते एएसआई पे्रमशंकर, कांस्टेबल अंकुर यादव को रंगे हाथ एसीबी ने गिरफ्तार किया। पुलिस द्वारा लंबे समय से फरियादी को टरकाया जा रहा है।
विद्युत निगम ने भी नहीं बक्शा
सालोर पंचायत के बागेलिया खेड़ा में विद्युत निगम दल द्वारा खेत से विद्युत केबल ले जाने व विद्युत चोरी का प्रकरण दर्ज नहीं करने की एवज में 6 हजार की रिश्वत मांगी। बागेलिया खेड़ा के डालूलाल गमेती से रिश्वत विद्युत निगम के तकनीकी सहायक दिनेश कुमार खटीक द्वारा मांगी की गई। इस पर 19 मार्च 17 को प्रकरण दर्ज हुआ।
रिजका के भुगतान में भी रिश्वत
पुलिस लाइन में घोड़ो के लिए प्रतिदिन रिजका पहुंचाने वाले किसान के मेहनताने का भुगतान करने की एवज में 26 नवंबर 18 को जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय के लेखा अधिकारी संदीप रावल द्वारा रिश्वत मांगी गई। फिर एसीबी ने रंगे हाथ गिरफ्तार किया। इसी तरह 11 सितम्बर 18 को एक गरीब किसान की जमीन के नामान्तरण खोलने की एवज में 25 हजार की रिश्वत लेते देवगढ़ के मदारिया सरपंच दिलीप टांक को एसीबी उदयपुर द्वारा रंगे हाथ गिरफ्तार किया।
फव्वारा संयंत्र से निकाला कमीशन
कृषि विभाग की बूंद बूंद सिंचाई योजना के तहत सकरावास, मदारा क्षेत्र में फव्वारा संयंत्र लगाने की एवज में किसानों से हजारों रुपए के संसाधन कमीशन पेटे ऐंठ लिए। 28 नवंबर 16 को एसीबी राजसमंद द्वारा कृषि विभाग में तत्कालीन उद्यान उप निदेशक पीएल मीणा, पूर्व कृषि पर्यवेक्षक महेशचंद्र श्रीमाली, मदारा सरपंच उदय लाल अहीर के विरुद्ध प्रकरण दर्ज हुए। कई जगह संयंत्र लगाए ही नहीं और सब्सिडी उठा ली। अफसरों ने कमीशन के चक्कर में घपला किया।
शिकायत आने पर की कार्रवाई
किसानों से रिश्वत मांगने की जब भी शिकायत आई, तब तत्काल रंगे हाथ पकड़े हैं। तीन वर्ष में कई प्रकरण ऐसे आए हैं। अगर कोई कार्मिक, अफसर रिश्वत के लिए कार्य नहीं कर रहा है, तो तत्काल भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो में बताए, तत्काल ऐसे भ्रष्ट कार्मिक, अफसर को गिरफ्तार किया जाएगा। कोई भी 02952-221701 पर शिकायत कर सकते हैं, त्वरित कार्रवाई होगी।
राजेश चौधरी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो राजसमंद





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