दौसा ग्रामीण. अखिल भारतीय डाक कर्मचारी यूनियन गु्रप सी की ओर से विभिन्न मांगों को लेकर बुधवार को दूसरे दिन भी कार्मिक हड़ताल पर रहे। प्रधान डाकघर पर कार्मिकों ने सरकार की सद्बुद्धि के लिए भजन-कीर्तन किया। प्रधान डाकघर दौसा के अधीनस्थ सभी उपडाकघर बंद रहने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। इस दौरान 20 सूत्री मांगों को लेकर संचार मंत्री के नाम जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंपा गया।
जयपुर देहात मण्डल सचिव राजेन्द्रकुमार विजय ने बताया कि कमलेशचन्द्र कमेटी की सिफारिशों को लागू करने, जीडीएस कर्मचारियों को नियमित करने, न्यू पेंशन स्कीम को समाप्त कर पुरानी पेंशन स्कीम लागू करने, डाकघर एवं आरएमएस में पांच दिवसीय सप्ताह लागू करने, निजीकरण एवं आउटसोर्सिंग बंद करने, सातवें वेतन आयोग की वेतन विसंगतियों को दूर करने, रिक्त पद भरने, सीजीएसएस के तहत केशलेस उपचार की व्यवस्था करने, यूनियन एवं अवैज्ञानिक टारगेट के नाम पर शोषण बंद करने, बिना सुरक्षा के केश ले जाने की बढ़ाई गई सीमा वापस लेने आदि मांग की गई है। इस मौके पर रमेशचन्द शर्मा, हरिशंकर शर्मा, ओमप्रकाश जोगी, लालाराम मीना, रामजीलाल मीना, लल्लूराम शर्मा एवं ओमप्रकाश शर्मा आदि मौजूद थे।
महुवा. डाक कर्मियों के देशव्यापी आह्वान पर बुधवार को भी डाक कर्मियों की हड़ताल जारी रही। डाक कर्मियों के हड़ताल पर रहने के कारण डाक व्यवस्था पूरी तरह ठप रही। पोस्ट मास्टर मोहन सिंह ने बताया कि केन्द्रीय कर्मचारियों की नई पेंशन योजना, केन्द्रीय कर्मचारियों के लिए वैधानिक पेंशन लागू करने, सातवें वेतन आयोग की न्यूनतम वेतन और फिटमेंट फॉर्मूला में संशोधन करने, सभी वर्गों के रिक्त पदों को तत्काल भरने, ग्रामीण डाक सेवकों को नियमित करने सहित दस सूत्रिय मांगों को लेकर डाक कर्मी दो दिन से हड़ताल पर हैं।
पर्स लौटाकर दिया ईमानदारी का परिचय
बांदीकुई . चांदनबास निवासी एक छात्र ने रुपयों से भरा पर्स लौटाकर ईमानदारी का परिचय दिया है। चांदनबास अरनिया निवासी दिनेशचंद योगी व पंचायत समिति में कार्यरत कैशियर रामजीलाल योगी सुबह बाइक से गांव से आ रहे थे कि अरनिया थांई के समीप उन्हें सड़क पर एक पर्स पड़ा मिला। दिनेश ने पर्स उठाकर देखा तो उसमें 6 हजार रुपए, एटीएम, लाइसेंस सहित अन्य कागजात थे। पर्स में मिले नम्बर पर कॉल किया तो कोलवा थाने में कार्यरत कांस्टेबल रामकेश गुर्जर से बात हुई। इसके बाद दोपहर को कांस्टेबल रामकेश गुर्जर को पर्स लौटाकर दिनेश ने ईमानदारी का परिचय दिया।





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