सवाईमाधोपुर. जिला उपभोक्ता मंच ने गत दिनों एक परिवाद पर सुनवाई करते हुए रेलवे को रूट बदलने के कारण यात्री को टिकट की राशि व परिवाद व्यय लौटाने के निर्देश दिए हैं। अधिवक्ता हरिप्रसाद योगी ने बताया कि आवासन मण्डल निवासी हुकुमचन्द स्वर्णकार ने परिवार के चार सदस्यों के साथ 2017 में 7720 रुपए में सवाईमाधोपुर से पूना जाने के लिए निजामुद्दीन-पूना स्पेशल से सैकेण्ड एसी में रिजर्वेशन टिकट कराया था। टे्रन को ऐनवक्त पर जाट आंदोलन के चलते आगरा से डायवर्ट कर दिया गया। टे्रन आगरा से रतलाम होते हुए पूना गई।
रूट बदलने से टे्रन सवाईमाधोपुर नहीं आई ऐसे में प्रार्थी को अतिरिक्त राशि का भुगतान करके दूसरी ट्रेन से पूना जाना पड़ा। जब रिफंड रेलवे से क्लेम मांगा तो रेलवे ने उसे 2895 रुपए ही दिए। परिवादी इसके विरूद्ध जिला उपभोक्ता मंच की शरण में गया। इसके बाद उपभोक्ता मंच ने रेलवे को नोटिस जारी किया तो रेलवे ने बकाया राशि 4845 रुपए परिवादी को लौटाई, लेकिन उपभोक्ता मंच ने माना की परिवादी को रेलवे की वजह से आर्थिक व मानसिक पीड़ा हुई, इधर रेलवे की ओर से दिए जवाब में बताया कि रेलवे से रिफण्ड राशि लेने के लिए केवल रेलवे क्लेम ट्रिब्यूनल को ही अधिकार है। लेकिन जिला उपभोक्ता मंच ने उपभोक्ता सेवादोष से संबंधित परिवाद उपभोक्ता मंच में लाने का हर उपभोक्ता को अधिकार है। परिवादी को मानसिक संताप व परिवाद व्यय की क्षतिपूर्ति के रूप में पांच हजार रुपए दो माह में देने के आदेश दिए।





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