गुंजन सिंह शेखावत
झुंझुनूं. सड़कों पर घूम रहे बेसहारा गोवंश को अब गोद दिया जाएगा।इसके लिए गोपालन विभाग की ओर से बेसहारा पशुओं को गोद देने की योजना बनाई है। इस योजना के तहत सड़कों पर घूमने वाले बेसहारा पशुओं को दानदाता या स्वयंसेवी संस्था गोद लेकर उसका भरण पोषण करेंगे। गोवंश गोद लेने के इच्छुक व्यक्ति या संस्था को निर्धारित फार्मेट में विभाग में आवेदन करना होगा। इसके बाद किसी भी गोवंश को गोद लेकर गोशाला को सौंपकर गोशाला की ओर से तय की गई राशि जमा करानी होगी। वह व्यक्ति कभी भी गोशाला में जाकर गोद लिए गए गोवंश को देख सकता है। वहीं इच्छुक व्यक्ति घर ले जाकर गोवंश की सेवा करना चाहता है तो वह घर भी ले जा सकता है। दोनों ही स्थिति में पशुपालन विभाग की ओर उक्त पशु के टैग लगाया जाएगा।
26 जनवरी व 15 अगस्त को प्रशासन करेगा सम्मानित
जो दानदाता या संस्था गोवंश को गोद लेकर उनका संरक्षण करेंगे उनको प्रशासन की ओर से सम्मानित किया जाएगा। जिला प्रशासन की ओर से उक्त दानदाता को २६ जनवरी या १५ अगस्त के मौके पर सम्मानित किया जाएगा।
अभियान चलाकर करेंगे लोगों को जागरूक
पशुपालन विभाग की ओर से बेसहारा गोवंशों को गोद देकर उनका संरक्षण करने के लिए अभियान चलाकर लोगों को जागरूक किया जाएगा।अधिकारियों ने बताया कि इसके लिए अभियान चलाया जालेगा। चौपाल आदि का आयोजन कर दानदाताओं, आमजन व स्वयंसेवी संस्थाओं को प्रेरित कर गोवंश को गोद लेने के लिए जागरूक करेंगे।इससे जहां गोवंश का संरक्षण होगा, वहीं आमजन को भी राहत मिलेगी।
इनका कहना है
अंचल में बेसहरा घूम रहे गोवंश के संरक्षण के लिए गोद दिया जाएगा।इसके लिए दानदाताओं या स्वयं सेवी संस्थाओं प्रेरित किया जाएगा।
-डॉ.जगदीश बरबड़, संयुक्त निदेशक, पशुपालन विभाग, झुंझुनूं.





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