सादुलपुर. निकटवर्ती गांव लंबोर छोटी में बीमारी से दो दर्जन से अधिक भेड़ों की मौत हो गई। गांव के सामाजिक कार्यकर्ता देवेन्द्र गोदारा ने बताया कि गांव में तीन-चार दिनों में गांव के हरिसिंह पशुपालक की १६-१७ भेड़ एवं पशुपालक धर्मपाल मूंड की १६ भेड़ बीमारी से मर गई। गांव के मुकेश राठौड़, वीरेन्द्र सिंह, श्रवण सिंह, सुरेन्द्र सिंह, कालूराम, विक्रमसिंह, राजूसिंह, रामानंद, चुन्नीलाल आदि ने बताया कि भेड़ों के मुंह पर फुंसी होने एवं मुंह पर सूजन आने के बाद भेड़ मर रही है। भेड़ों के मरने के कारण पशुपालकों के घरों में चूल्हे नहीं जले। बुधवार सुबह पशु चिकित्सक अनिल कुमार एवं रवि कुमार पहुंचे। लेकिन संतोषजनक कार्रवाई नहीं की। ग्रामीणों ने एसडीएम सुभाष भडिय़ा को सूचना देकर पशुपालकों को मदद करने एवं अचानक मर रही भेड़ों का उपचार करवाने की मांग की है।
इनका कहना है
भेड़पालन का काम करता हूूं। मेरी १५-१६ भेड़ों की मौत हो चुकी है। चिकित्सक सुनवाई नहीं कर रहे हैं।
पशुपालक धर्मपाल मूंड, लंबोर छोटी, सादुलपुर।
मेरे पास सौ भेड़ें हैं। जिनमें १५-१६ भेड़ों की मौत हो चुकी है। चिकित्सकों की सूचना दी थी। लेकिन समय पर नहीं पहुंचे।
पशुपालक हरिसिंह, लंबोर छोटी, सादुलपुर।
मौके पर चार छोटे बच्चे व एक भेड़ की मौत हुई है। मौत का कारण तेज सर्दी है। कुछ में संक्रमण है। जिनका उपचार शुरू कर दिया गया है। आरोप बेबुनियाद है।
रवि कुमार पूनिया, वरिष्ठ पशु चिकित्सक सादुलपुर।





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