चित्तौडग़ढ़. सदर थाना पुलिस व रसद विभाग ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए बुधवार रात भण्डारिया गांव में एक होटल के पीछे छापा मारकर करीब तीन हजार लीटर पेट्रोल, डीजल व सॉल्वेंट जब्त किया है। आबादी के बीच हो रहे इस खतरनाक कारोबार को अंजाम देने वाले दो व्यक्तियों की पुलिस तलाश कर रही है।सदर थाना प्रभारी व प्रशिक्षु आरपीएस मुकुल शर्मा ने बताया कि इण्डियन ऑयल के अधिकारी बीएल मीणा ने शिकायत की थी कि उनकी पाइप लाइन से डीजल-पेट्रोल की चोरी हो रही है। पुलिस अधीक्षक अनिल कयाल के निर्देश पर पुलिस की टीम बनाकर थाना प्रभारी शर्मा, सिपाही रामावतार व मेघराज आदि की टीम ने सादा वस्त्रों में कई दिनों तक रैकी की पेट्रोलियम पदार्थों के अवैध भण्डारण के बारे में पता लगाया। बुधवार शाम रसद विभाग के प्रवर्तन निरीक्षक हितेश जोशी व सदर थाना प्रभारी मय जाप्ता भण्डारिया गांव पहुंचे और वहां मिठू जाट व गोवर्धन गाडरी की होटल के पीछे इन दोनों की ओर से छिपा कर रखे गए १४ से ज्यादा ड्रम जब्त किए, इनमें करीब तीन हजार लीटर पेट्रोल, डीजल व सॉल्वेंट भरा हुआ था। यह भण्डारण आबादी के बीच में खाली भूखण्ड पर चद्दर की छत वाले कमरे में किया हुआ था। यहां हादसा होने पर गांव के कई लोगों की जान जा सकती थी। मौके से दोनों आरोपी फरार हो गए, जिनकी पुलिस तलाश कर रही है।
टैंकर वाले दे जाते है डीजल-पेट्रोल
जानकारी में सामने आया है कि इण्डियन ऑयल से डीजल व पेट्रोल लेकर रवाना होने वाले टैंकरों के चालक हाईवे स्थित होटलों पर टैंकर रोकते हैं और यहां कुछ डीजल-पैट्रोल सस्ते में बेच जाते हैं। यह कारोबार पिछले कई सालों से चल रहा है, लेकिन पुख्ता कार्रवाई नहीं होने के कारण इस कारोबार पर कभी भी पूरी तरह अंकुश नहीं लग पाया।
सस्तें में बेचते हैं डीजल-पेट्रोल
इन होटलों के पीछे से ग्रामीण क्षेत्र के लोग अधिकांशत: पेट्रोल-डीजल खरीदकर ले जाते हैं। उन्हें बाजार भाव से कम कीमत पर यहां यह पेट्रोलियम पदार्थ उपलब्ध हो जाता है। यहां होटलों की आड में यह कारोबार होता रहा है। बुधवार को अचानक हुई पुलिस कार्रवाई से भण्डारिया गांव में हड़कंप मच गया। दूसरी जगह भी जहां पेट्रोलियम पदार्थों का भण्डारण किया हुआ है, वहां भण्डारण करने वाले भूमिगत हो गए। पुलिस इन लोगों के बारे में भी पता लगाने के प्रयास कर रही है।





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