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पर्सनल लोन लेने से पहले इन सात बातों का रखें ध्यान

नई दिल्ली। क्या आपको अर्जंट फंड की आवश्यकता है? क्या आपके परिवार में कोई एमरजेंसी है जिसके लिए आपको जल्द से जल्द पैसा चाहिए? क्या अपने बच्चे को एक अच्छे कॉलेज में पढ़ाने के लिए आपके पास पैसे कम पड़ गए हैं। या फिर आपको व्यक्तिगत जरूरत के लिए जल्द से जल्द पैसे की जरूरत है। ऐसी स्तिथि में अपने बैंक जाए और पर्सनल लोन के लिए आवेदन करें क्योंकि ये आपको जल्द ही मिल जाएगा और ये एमरजेंसी में फण्ड जुटाने का सबसे आसान तरीका है।


सबसे मशहूर फाइनेंसियल प्रोडक्ट में से एक है पर्सनल लोन

पर्सनल लोन सबसे मशहूर फाइनेंसियल प्रोडक्ट में से एक है और पैसों की कमी के समय जरुरतों को पूरा करने के लिए ये सबसे बहतर विकल्प है। किसी एमरजेंसी स्थिति से उभरने के लिए जब फण्ड की जरूरत होती है तब ये बहुत लाभदायक साबित होता है। साथ ही किसी कर्ज का एक ही बार में भुगतान करने के लिए पर्सनल लोन लाभदायक होता है। इसके मशहूर होने का सबसे बड़ा कारण ये है कि इसके उपयोग करने पर किसी प्रकार की सीमा नहीं है और ये एक असुरक्षित लोन है। आपको घर मरम्मत, उच्च शिक्षा, शादी और किसी एमरजेंसी के लिए आसानी से पर्सनल लोन मिल जाता है। इनमें से किसी भी उद्देश्य के लिए आपको बिना कुछ गिरवी रखे पर्सनल लोन मिल जाएगा। लेकिन आपको पर्सनल लोन ध्यान से लेना चाहिए क्योंकि लेंडर जोखिम के कारण ज्यादा ब्याज दर पर लोन देते हैं। यहां हम आपको बताएंगें कि पर्सनल लोन लेने से पहले किन बातों पर ध्यान देना चाहिए।


पर्सनल लोन क्या है?

पर्सनल लोन एक असुरक्षित लोन है जिसके लिए बैंक या फाइनेंसियल संस्थान कुछ गिरवी रखने की मांग नहीं करते हैं। होम लोन और कार लोन के विपरीत पर्सनल लोन के उपयोग पर किसी तरह की सीमा नहीं है क्योंकि इसका उद्देश्य ही आपको अलग-अलग तरह की फाइनेंसियल एमरजेंसी में फण्ड मुहैया कराना है। पर्सनल लोन मिलने की प्रकिर्या छोटी होती है और मंजूरी के बाद अमाउंट आपके बैंक अकाउंट में आ जाता है। असुरक्षित लोन होने के कारण पर्सनल लोन को ज्यादा जोखिम वाला लोन माना जाता है क्योंकि इसे लेने के लिए कुछ गिरवी नहीं रखना होता है। इसलिए इस लोन की ब्याज दर उन सभी लोन के मुकाबले ज्यादा होती है जिनके लिए आपको कुछ गिरवी रखना पड़ता है। पर्सनल लोन आवेदन से पहले आपको इन 7 चीजों के बारे में विचार करना होगा-


सबसे बहतर विकल्प को चुनें

लगभग सभी बैंक और फाइनेंशियल संस्थान पर्सनल लोन देते हैं लेकिन ब्याज दर और अन्य शुल्क सभी बैंकों के अलग-अलग होते हैं। अगर आप एक निश्चित अमाउंट का पर्सनल लोन लेना चाहते हैं तो भी उसकी ब्याज दर और अन्य शुल्क सभी बैंकों में अलग-अलग होंगें। इसलिए ये सलाह दी जाती है कि पहले ऑफर जांचें, तुलना करें और फिर अपने लिए सबसे बहतर ऑफर चुनें। इस से आपके हजारों लाखों रुपए बच सकते हैं जिसे आप ज्यादा ब्याज दर वाले लोन पर खर्च करते।


आय और खर्चों के मुताबिक ईएमआई

पर्सनल लोन की ब्याज दर अन्य लोन के मुकाबले ज्यादा होती है। लेकिन इसका ये मतलब नहीं कि आप ऐसी ईएमआई चुनें जिसे देने में आपको समस्या हो और आपके मासिक बजट पर उसका प्रभाव पड़े। ऐसी स्थिति में हो सकता है आप ज्यादातर महीनों में ईएमआई को चुका दें लेकिन अगर किसी एक महीने आपको कोई और फाइनेंशियल एमरजेंसी आ गई तो आप ईएमआई नहीं दे पाएंगे। इसलिए हमेशा ये सलाह दी जाती है कि ईएमआई इस हिसाब से रखें कि आप किसी भी स्थिति में उसे चुका पाएं। आपको ईएमआई अपनी मासिक आय की 20 फीसदी से 30 फीसदी तक ही रखनी चाहिए।


लोन अवधि को छोटा रखें

आमतौर पर लोग लोन भुगतान अवधि को लम्बा रखते हैं क्योंकि इस से लोन ईएमआई कम रहती है और टैक्स लाभ भी मिलता है। लेकिन आपको ये पता होना चाहिए कि लम्बी लोन अवधि में आपको सब मिलाकर ज्यादा रकम चुकानी पड़ती है। इसलिए ये सलह दी जाती है कि लोन भुगतान अवधि छोटी रखें लेकिन इसका ये मतलब नहीं कि ऐसी ईएमआई चुन लें जिसे आप चुका ही ना पाएं। पर्सनल लोन आवेदन से पहले ये दोनों बातें ही दिमाग में रखें। लोन अमाउंट, लोन भुगतान अवधि और ईएमआई के बीच एक संतुलन होना चाहिए।


ईएमआई कैलकुलेटर

ईएमआई कैलकुलेटर एक ऑनलाइन टूल है जिसकी मदद से आप लोन लेने से पहले उसकी ईएमआई पता कर सकते हैं। आपको वो ईएमआई पता चल जाएगी जिसका भुगतान लोन लेने के बाद आपको हर महीने करना होगा। आपको ईएमआई कैलकुलेट करने के लिए लोन अमाउंट, उसकी ब्याज़ दर, और भुगतान अवधि बतानी होगी। आपको ये पता चल जाता है कि लोन लेने के बाद आपके मासिक बजट पर कितना प्रभाव पड़ने वाला है।


उतना ही लें जितनी जरूरत है

लोन अमाउंट आसानी से मिल जाते हैं और मंजूरी के एक-दो दिन बाद ही आपके बैंक अकाउंट में पैसे आ जाते हैं। इसलिए हो सकता है कि आप जितनी आवश्यकता है उस से ज्यादा लोन लेने लगें। पर्सनल लोन की ब्याज दर अन्य सभी लोन से ज्यादा होती है इसलिए उतना ही लें जितनी जरूरत है।


सबसे कम ब्याज दर चुनें

बैंक लोन देने के लिए हमेशा प्रतिस्पर्धा करते हैं। इसलिए बैंक या फाइनेंसियल संस्थान से सबसे बहतर ब्याज दर के लिए बातचीत करें। थोड़ी भी ब्याज़ दर कम होने से आपको लोन भुगतान करने में आसानी होगी।


लोन एग्रीमेंट को ध्यान से पड़ें

सभी तरह के शुल्क और भुगतान में देरी या भुगतान ना करने पर जुर्माने के बारे में जानने के लिए आपको लोन एग्रीमेंट को हमेशा ध्यान से पड़ता चाहिए। इस से आपको ये पता रहेगा कि भुगतान ना करने पर आपको किस तरह की स्थिति का सामना करना पड़ सकता है। अपने बैंक और फाइनेंशियल संस्थान पर आख मूंद कर भरोसा ना करें क्योंकि हो सकता हैं वो आपको लोन से सम्बंधित सभी तरह की जानकारी ना दें।

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