अजमेर.
कॉलेज में ड्रेस कोड को लेकर पिछली सरकार कोई फैसला नहीं कर पाई। अब निगाहें कांग्रेस सरकार पर टिकी हैं। पहले अनिवार्य रूप से ड्रेस कोड की बात करने वाले कॉलेज शिक्षा निदेशालय भी इसे विद्यार्थियों की इच्छा पर छोड़ चुका है।
बीते साल कॉलेज शिक्षा निदेशालय ने सत्र 2018-19 में सभी कॉलेज में ड्रेस कोड लागू करने को कहा था। कॉलेज को छात्र-छात्राओं के लिए ड्रेस कोड निर्धारित करने की जिम्मेदारी दी गई। उधर कई कॉलेज के विद्यार्थियों, छात्र संघ पदाधिकारियों ने ड्रेस कोड पर ऐतराज किया। ऐसे में तत्कालीन भाजपा सरकार को निर्णय बदलना पड़ा। निदेशालय ने सभी कॉलेज को ड्रेस कोड को स्वैच्छिक करने को कहा।
ड्रेस कोड लागू होना मुश्किल
कॉलेज में ड्रेस कोड लागू होना मुश्किल है। अव्वल तो प्रदेश में कांग्रेस सरकार बन चुकी है। तिस पर उच्च शिक्षा विभाग को नए सिरे से प्रस्ताव पर विचार करना होगा। अगर विद्यार्थियों पर जबरन ड्रेस कोड थोपा गया तो इसका प्रदेशव्यापी विरोध होना तय है। लोकसभा चुनाव और आगामी छात्रसंघ चुनाव से पहले प्रदेश सरकार यह नाराजगी मोल नहीं लेना चाहेगी।





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