जगमोहन शर्मा / जयपुर। राजस्व आसूचना निदेशालय (डीआरआइ), दिल्ली की टीम ने शुक्रवार को कनकपुरा कंटेनर डिपो (कॉनकॉर) पर बड़ी कार्रवाई करते हुए 'लाल चंदन' की लकड़ी से भरे दो कंटेनर जब्त किए हैं। ये दोनों कंटेनर भीलवाड़ा की एक एक्सपोर्ट कंपनी के नाम पर थे, जिन्हें इंग्लैंड भेजने के लिए बुक किया गया था।
विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इस माल को एक्सपोर्ट करने वाली एजेंसी ने एक्सपोर्ट बिल में सैंडस्टोन के पिलर्स की एंट्री दर्शाई थी, जबकि इनमें लाल चंदन की लकड़ी की खेप बरामद की गई है। निर्यातक और एजेंसी ने बड़ी ही होशियारी से कंटेनर में आगे की तरफ खाली बॉक्स रखे थे और अंदर चंदन की खेप को छिपाया हुआ था।
पहले भी जांच के घेरे में
विदेशों में माल भेजने वाली इस निर्यात एजेंसी पर पहले भी कस्टम और डीआरआइ कार्रवाई कर चुके हैं। पिछले दस साल में चंदन की लकड़ी की तस्करी का यह सातवां मामला है। सूत्रों का कहना है कि इन दोनों कंटेनर्स को कस्टम क्लीयरेंस मिल चुकी थी, लेकिन डीआरआइ को मिली गुप्त सूचना के बाद इस कार्रवाई को अंजाम दिया गया।
कंटेनर में कैसे पहुंचता है अवैध माल
दरअसल कंटेनर सील होने के बाद इसे रास्ते में रोककर अवैध माल भरा जाता है और दोबारा सील कर दिया जाता है। इस तरह के मामले हर साल बढ़ रहे हैं। अब कस्टम के साथ डीआरआइ की भी नजरें देश के सभी निर्यात डिपो पर है।
क्या है कीमत
चंदन की लकड़ी 7 से 8 हजार रुपए किलो बिकती है। भारतीय चंदन की खुशबू बाकी देशों के चंदन से 6 प्रतिशत ज्यादा होती है। इस वजह से भी डिमांड इंटरनेशनल मार्केट में ज्यादा है। इसका इस्तेमाल इत्र, औषधि, ब्यूटी प्रोडक्ट आदि में किया जाता है।





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