सवाईमाधोपुर. जिला मुख्यालय के सीमेंट फैक्ट्री क्षेत्र में इन दिनों लोगों ने अपने घरों को जेल में तब्दील कर लिया है। मकानों में दरवाजों व खिड़कियों पर लोहे की मोटी-मोटी जालियां लगा ली है। वजह है क्षेत्र में बंदरों का आतंक। आलम यह है कि लोगों ने डर के कारण बाहर निकलना बंद कर दिया है, लेकिन इसके बाद भी प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है।
नौ लोगों पर किया हमला
क्षेत्र के लोगों ने बताया कि अब तक बंदरों ने नौ लोगों पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया है। इसमें बच्चों से लेकर बड़े हर आयु वर्गं के लोग शामिल हैं। बंदरों ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है।
आयुक्त को सौंपा ज्ञापन
बंदरों के आतंक से जूझ रहे लोगों ने शुक्रवार को नगर परिषद आयुक्त को ज्ञापन सौंपकर आवारा बंदरों को पक ड़कर अन्यत्र छोडऩे की मांग की है। वहीं जल्द ही सुनवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। प्रतिनिधि मण्डल में तिलकराज शर्मा, रामकेश व विजय आदि मौजूद थे।
हम्माल मोहल्लेवासी भी परेशान
कुछ इस प्रकार के हालात शहर के हम्माल मोहल्ले के भी हैं। यहां भी बंदरों के आतंक ने लोगों का जीना दुर्भर कर दिया है। बंदर छत पर सूख रहे कपड़े व सामान ले जाते हैं।
यूं झलका दर्द
&मुझपर घर के बहार निकलते ही बंदरों ने हमला कर दिया था। ऐसे में डर के कारण अब घर से बहार निकलना भी मुश्किल हो रहा है।
रुक्मिणी देवी, घायल महिला
बरामदे में कपड़े सुखना भी कठिन हो रहा है। लोग अपने ही घरों में कैद होकर रह रहे हैं। प्रशासन सुध नहीं ले रहा है।
मनभर देवी, घायल महिला
घर में भी सुरक्षित नहीं है। बरामदे में बैठी थी कि अचानक बंदर ने पीछे से हमला करके मुझे घायल कर दिया।
रीतू शर्मा, महिला
बंदरों के आतंक के कारण परेशानी हो रही है। कई बार अधिकारियों को अवगत कराया है, लेकिन कार्रवाई नहीं हो रही है।
सीमा कौर, घायल महिला
बंदरों के आतंक के संबंध में शिकायत मिली है। जल्द ही कार्रवाई की जाएगी।
रविन्द्र सिंह, आयुक्त, नगर परिषद, सवाईमाधोपुर।





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