बालोतरा.
प्रदेश विधानसभा चुनाव सम्पन्न होने के साथ नई सरकार का गठन हो चुका है, लेकिन चुनाव में सरकारी कार्य को लेकर जिन वाहन मालिकों ने सेवाएं दी थी, उन्हें अभी तक किराए का भुगतान नहीं किया गया है। वाहन चालक जिला कलक्टर, उपखंड व परिवहन कार्यालय के बीच चक्करघिन्नी बने हुए हैं, जहां से उन्हें आज-कल में भुगतान करने की बात कह रवाना कर रहे हैं।
प्रदेश विधासनसभा चुनाव को लेकर चुनाव आयोग के निर्देश पर जिला परिवहन अधिकारी कार्यालय ने जिले व क्षेत्र में वाहनों को अधिकृत किया था। चुनाव कार्यव व्यवस्थाओं में लगे अधिकारियों के क्षेत्र में आवागमन को लेकर करीब 50 वाहन उपखंड अधिकारी बालोतरा को सुपुद किए थे। चुनाव संबंधी कार्य को लेकर औसत करीब 20 से 25 दिनों तक इन वाहनों को उपयोग में लिया गया। वाहन मालिकों को जरूरत के मुताबिक डीजल,पेट्रोल तो उपलब्ध करवाया गया, लेकिन वाहन किराया का आज दिन तक भुगतान नहीं किया गया। 7 दिसम्बर को चुनाव सम्पन्न होने के बाद प्रदेश में नई सरकार का गठन भी हो गया है। लेकिन वाहन स्वामियों को आज दिन तक वाहन किराया उपलब्ध नहीं करवाने से इनकी हालत खस्ता हो रखी है। मालिकों के अनुसार फाइनेंस पर खरीदे वाहनों की किश्त जमा करवाना उनके लिए मुश्किल हो गया है। देरी से किश्त का भुगतान करने पर उन्हें ब्याज चुकाना पड़ेगा। वहीं फाइनेंस कंपनियां वाहन जब्त करने की चेतावनियां दे रही हैं। इससे परेशान वाहन मालिक जिला कलक्टर, उपखंड कार्यालय व जिला परिवहन कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं। कार्यालय में अधिकारियों, कार्मिकों से सम्पर्क करने पर वे एक से दूसरे पर भुगतान करने की जिम्मेदारी थोपते हैं। वहीं शीघ्र भुगतान करने की बात कहकर घर को रवाना कर रहे हैं।
नहीं मिल रहा किराया - वाहन के बकाया किराए को लेकर कई बार उपखंड व जिला परिवहन कार्यालय चक्कर काट चुका हूं। कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही है। फाइनेंस की किश्त जमा करवाना मुश्किल हो गया है। बहुत परेशान हूं। - सांवलराम घांची, वाहन मालिक
कलक्टर से भी मिल चुका, लेकिन नहीं हुआ भुगतान- वाहन के बकाया किराया को लेकर दो बार कलक्टर कार्यालय के चक्कर लगा चुका हूं। आज-कल में भुगतान करने की बात कह रहे हैं। इससे बहुत परेशान हूं। कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही है। - जगदीश माली, वाहन मालिक





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