झुंझुनूं. मांगलिक व शुभ कार्यों का सिलसिला सूर्य देव के उत्तरायण में आने के बाद शुरू हो गया है। गुरुवार से विवाह के कार्यक्रम की शुरुआत हो गई। जगह-जगह शादियां हुई। कई जगह शहनाइयां गूंजी। जनवरी, फरवरी व मार्च के माह में शहनाई की गूंज सुनाई देगी।
सीकर के पंडित दिनेश मिश्रा ने बताया कि 2019 में विवाह के खूब मुहूर्त मिलेंगे और मांगलिक कार्यों का आयोजन होगा। जनवरी, फरवरी माह के मुहूर्त उत्तम माने जा रहे है।। यही वजह है कि इस माह में सबसे अधिक विवाह होने की संभावना भी है। 13 मार्च तक लगातार विवाह के मुहूर्त हैं।
दो अबूझ मुहूर्त
10 फरवरी को बसंत पंचमी और 8 मार्च को फुलेरा दूज को सबसे अच्छा मुहूर्त है। इस दिन ज्योतिषशास्त्री दृष्टि से सबसे अच्छा दिन माना जा रहा है।
होलाष्टक से फिर थमेगा सिलसिला
होली के पर्व के पूर्व होलाष्टक की तिथि 14 मार्च से लगेगी जिसके बाद एक बार फिर से मांगलिक कार्यों पर विराम लगेगा। 15 मार्च से 15 अप्रेल तक खरमास रहेगा। इस दौरान भी विवाह के मुहूर्त नहीं मिलने से वैवाहिक कार्य नहीं होंगे। 15 अप्रैल से पुन विवाह के मुहूर्त शुरू हो जाएंगे।
जनवरी, फरवरी व मार्च में मुहूर्त
जनवरी: 22, 23, 25, 26 , 27, 29 व 30,31
फरवरी: 8 , 9, 10,19, 21, 22, 25 ,27,28
मार्च : 2,3,7, 8 , 9, 10 व 13






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