- परिजनों की लापरवाही पड़ रही है भारी
झुंझुनूं. पिछले दिनों कश्मीर में हुई बर्फबारी के कारण तापमान में तेजी से गिरावट दर्ज की गई।तापमान की इस गिरावट के कारण नवजात सहित बच्चों में हाइपोथर्मिया का अटैक होने लग गया है। सर्दी के कारण राजकीय बीडीके अस्पताल के शिशु आउटडोर में इन दिनों हाइपोथर्मिया से पीडि़त प्रतिदिन चार-पांच बच्चों का आना लगा हुआ है।
शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. वीडी बाजिया ने बताया कि नवजात व बच्चों को सर्दी से बचाने के लिए बरती जाने वाली लापरवाही भारी पड़ रही है। सरकारी व निजी अस्पतालों के आंकड़ों को शामिल करने पर यह संख्या दो दर्जन से अधिक पहुंच रही है।लेकिन इन सब के बीच राहत देने वाली बात यह है कि अभी तक इससे जिले में अभी तक किसी की मौत होने का समाचार नहीं है। उन्होंने बताया कि सर्दी के मौसम को देखते हुए नवजात व छोटे बच्चों को गर्म कपड़ों में दबाकर रखना चाहिए।इसके अलावा तेज सर्दी होने पर उन्हें बाहर भेजने से बचना चाहिए।
क्या होता है हाइपोथर्मिया
चिकित्सकों के मुताबिक हाइपोथर्मिया को सामान्य भाषा में अल्पताप कहा जाता है।इसमें बच्चे के शरीर का तापमान बहुत कम हो जाता है। ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले अधिकतर बच्चे इसका शिकार होते हैं,जो कि मृत्यु होने का एक कारण है।जब तक बच्चा मां के पेट में रहता है, उस दौरान तापक्रम कुछ और रहता है।जन्म लेने के बाद बाहर का तापमान एकदम से सहन नहीं कर पाता है।जब बच्चे का तापक्रम काफी कम होने पर हार्ट, नर्वस सिस्टम सही तरीके से काम नहीं कर पाता है। इस दौरान सही चिकित्सा नहीं मिलना घातक साबित होता है।
लक्षण
- बच्चे के हाथ सही काम नहीं करते।
- इस दौरान सर्वाधिक तकलीफ पेट में होती है व थकान महसूस होती है।
- अत्यधिक नींद आना, हाथ व पैरों में जकडऩ, नब्ज का कमजोर लगना।
- बीमारी को अनदेखा करने पर हार्ट व सांस की प्रणाली फेल होने का कारण बनती है।
यू घटा-बढ़ा तापमान
27 दिसम्बर- अधिकतम 25.0, न्यूनतम 7.1
28 दिसम्बर- अधिकतम 20.5, न्यूनतम 4.5
29 दिसम्बर- अधिकतम 20.1, न्यूनतम 2.9
30 दिसम्बर- अधिकतम 21.2, न्यूनतम 2.3
31 दिसम्बर- अधिकतम 28.8, न्यूनतम 4.3
जनवरी 2019
एक जनवरी- अधिकतम 24.7, न्यूनतम 4.6
दो जनवरी- अधिकतम 25.0, न्यूनतम 7.1





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