नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव से पहले राजधानी को फतह करने में जुटी कांग्रेस के लिए आज का दिन अहम है। अजय माकन के प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने के बाद आज पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने एक बार फिर कांग्रेस की कमान संभाल ली। अपनी तीन सहयोगियों के साथ शीला दीक्षिण दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष पद पर काबिज हुईं। उनके पदभार ग्रहण कार्यक्रम में जगदीश टाइटलर की मौजूदगी चर्चा का विषय रही। टाइटल से इस दौरान सज्जन कुमार पर आए कोर्ट के फैसले के बारे में जब पूछा गया तो उन्होंने कहा कि जिस विषय में कोर्ट का फैसला आ गया हो उस पर कुछ भी कहना ठीक नहीं।
Jagdish Tytler on Sajjan Kumar's conviction in 1984 anti-Sikh riots: What can a man say when the Court has given a verdict. You also mention my name. Why? Is there an FIR? Is there a case? No? Then why do you take my name? Someone said that and you believed it. pic.twitter.com/apPlOzC5Oe
— ANI (@ANI) January 16, 2019
कांग्रेस को दिल्ली की सत्ता में एक मजबूत पिल्लर बनाने वाली शीला दीक्षित एक बार फिर प्रदेश में अपनी पैठ और कांग्रेस की अगुवाई करेंगी। शायद यही वजह है कि कांग्रेस कार्यकर्ता जोश से लबरेज हैं। हालत यह है कि प्रदेश कार्यालय डीडीयू के आसपास शीला दीक्षित के बैनरों से पूरा इलाके भर गया है। प्रदेश कार्यालय में भी शीला दीक्षित के कार्यालय को पूरी साजसज्जा के साथ तैयार कर दिया गया है। शीला के साथ नियुक्त कार्यकारी अध्यक्ष हारूण युसूफ, राजेश लिलोठिया और देवेन्द्र यादव ने भी कार्यभार संभाला।
पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को एकजुट करने पर फोकस
पदभार संभालने के साथ ही शीला दीक्षित की पहली नजर पार्टी में जारी असंतोष को दूर करना और नेता-कार्यकर्ताओं को एक जुट करने पर रहेगी। ताकि चुनाव से पहले पार्टी जनता के बीच अच्छी छवि के साथ पहुंचे। दरअसल शीला की ताजपोशी से पहले ही माकन गुट के नेताओं ने दूरी बना ली है, कुछ बीमार हैं तो कुछ बाहर।
इनको मिला आमंत्रण
शीला दीक्षित के शपथग्रहन समारोह में सभी पूव्र सांसदों, विधायकों व पार्षदों को निमंत्रण पत्र भेजा गया है। शथप ग्रहन समारोह को एक बड़े कार्यक्रम के आयोजन का रूप देने का पूरा प्रयास किया गया है ताकि आप व भाजपा को संदेश दिया जा सके कि वे अब कांग्रेस को हल्केपन से न ले।





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