अलवर. हर तरफ दुकानें सजी हुई है ंऔर लोग खरीददारी करने के लिए उमड़ रहे हैं। इसके चलते बाजार में दिन भर भीड़भाड नजर आने लगी है। मकर संक्रांति पर जहां दान पुण्य का महत्व अधिक रहता है वहीं लोहडी पर पंजाबी समाज में पुत्र के विवाह व प्रथम पुत्र के जन्म पर लोहडी माता की पूजा अर्चना कर आर्शीवाद लेने की परम्परा का निर्वहन किया जाता है। मकर संक्राति हो या फिर लोहड़ी दोनों ही पर्वो में तिल से बने व्यंजनों का विशेष महत्व रहता है। इसके चलते इन दिनों शहर के होपसर्कस, पंसारी बाजार, केडलगंज, काशीराम का चौराहा व मालाखेडा बाजार आदि जगहों पर तिल की दुकानें सजी हुई है।
सकरात पर गेंद खेलने की है परम्परा
मकर संक्रांति पर अलवर शहर में गेंद से खेलने की परंपरा रही है। इसके चलते इन दिनों दौसा से आए कारीगरों ने बल्ले की दुकानें सजाई हुई है। दुकान राजेश कुमार ने बताया कि इस बार कश्मीर की लकडी से बनाए गए बैट बहुत दमदार है। बच्चों व युवाओं की पसंद को ध्यान में रखते हुए बैट पर विराट कोहली के स्टीकर चिपकाए गए हैं।
प्लास्टिक आइटमों की बढ़ी बिक्री
मकर संक्रांति पर मंदिरों व अपने से बड़ों को दान दिए जाने की परंपरा है। अब ज्यादातर लोग उपयोगी आइटमों को ही दान के रूप में देने लगे हैं। इसके चलते बाजार में कपडे, जूते, प्लास्टिक आइटम, श्रृंगार सामग्री, चद्दर,रजाई आदि सभी वस्तुएं बिक्री के लिए आई हुए है। सबसे ज्यादा बिक्री गर्म कपडों व पर्स आदि की हो रही है।





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