पाली। सरकार से अनुदान पर चारा और सरकारी सहायता लेने वाली गोशालाओं में अब कम्प्यूटर व इंटरनेट की सुविधा जरूरी होगी। आगामी दिनों में कम्प्यूटर व इंटरनेट होने पर ही गोशालाओं का रजिस्टे्रशन हो सकेगा। गोपालन विभाग ने इस सम्बंध में आदेश जारी किए है। पशुपालन विभाग के मुताबिक जिले में 201 गोशाला है।
गत दिनों जयपुर में गोपालन विभाग की राज्य स्तरीय सलाहकार समिति की बैठक हुई थी। बैठक में सुझाव दिया कि सभी गोशालाओं में कम्प्यूटर व इंरनेट की सुविधा उपलब्ध होनी चाहिए। ताकि गोशालाओं का रजिस्टे्रशन करने में किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़े। साथ ही गोशालाओं का रजिस्टे्रशन कराने के लिए संचालक को गोशाला में मौजूद पशुओं का कम्प्यूटर प्रमाण पत्र देना होगा। यह व्यवस्था नहीं होने पर विभाग द्वारा गोशाला का रजिस्टे्रशन नहीं किया जाएगा। रजिस्टे्रशन के अभाव व अन्य सरकारी सहायकता भी नहीं मिल पाएगी।
आर्थिक भार बढ़ेगा
जिले में कई गोशाला छोटी है। ऐसी स्थिति में प्रत्येक गोशाला संचालकों को कम्प्यूटर, इंटरनेट व एक कम्प्यूटर ऑपरेटर रखना पड़ेगा। जिससे गोशालाओं का आर्थिक भार बढ़ेगा। कई गोशालाओं की आर्थिक स्थिति इतनी अच्छी नहीं है कि वे इंटनरनेट व कम्प्यूटर रख सके।
नहीं होती सूचना उपलब्ध
गोशालाओं के निरीक्षण के समय देखेने में आया कि अधिकतर गोशालाओं के पास निदेशालय की ओर से जारी निर्देश, परिपत्र व सूचनाएं उपलब्ध नहीं होती है। इसके अभाव में गोशालाओं के संचालकों को परेशानी होती है। ऐसे में आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि सभी गोशालाओं से निदेशालय का सीधा संवाद स्थापित हो सके। इसके लिए सभी गोशाओं में कम्प्यूटर व इंटरनेट जरूरी है।
ऑनलाइन होगी गोशाला
सरकारी सहायता प्राप्त करने के लिए सभी गोशालाओं में कम्प्यूटर व इंटरनेट की सुविधा रखना जरूरी होगा। इससे गोशालाओं का ही फायदा होगा। उन्हें सारी सूचना ऑनलाइन उलब्ध हो जाएगी। -डॉ. च्रकधारी गौतम, संयुक्त निदेशक पशुपालन विभाग पाली





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