प्रदेशभर में बिजली चोरी में धौलपुर अव्वल
गांव से ज्यादा शहरी क्षेत्र में हो रही बिजली चोरी
धौलपुर. जिलेभर में बिजली चोरी को रोकने में विद्युत वितरण निगम नाकाम साबित हो रहा है। जहां एक ओर विभागीय अधिकारियों का बड़ा लवाजमा विद्युत चोरी व छीजत के मामलों में दो माह में पन्द्रह प्रतिशत की कमी करने पर अपनी पीठ थपथपा रहे है, वहीं इसके बावजूद धौलपुर जिला प्रदेश में अव्वल बना हुआ है।
विभागीय आंकडों पर नजर डाले तो गत वर्ष तीन प्रतिशत की चोरी रोकने का दावा तो किया जा रहा है, लेकिन यह सब कुछ तमाम प्रयासों के आगे ऊंट के मुंह में जीरे के सामान साबित हो रहा है। ऐसे में निगम की कार्रवाईयों को ग्रामीण क्षेत्रों के अलावा शहर में भी जगह-जगह विरोध का सामना करना पड़ रहा है। आए दिन विरोध के चलते विभागीय स्तर पर नाममात्र औपचारिक कार्रवाइयों से खाना पूर्ति की जा रही है।
ऐसे करते हैं चोरी : उपभोक्ता शाम होते ही मकान के सामने से निकल रही विद्युत लाइन पर जम्फर डाल देते हैं और सुबह जम्फर हटा लेते हैं। इस दौरान मकान के एसी, कूलर, हीटर सहित अनेक विद्युत उपकरणों का जमकर उपयोग करते हैं। कई उपभोक्ता तो दादागिरी से दिन में भी जम्फर नहीं हटाते हैं। ऐसे में बिजली चोरी पर की जाने वाली कार्रवाईयों के दौरान विद्युत दल को विरोध का सामना करना पड़ता है।
पुलिस सहयोग करें तो बने बात : निगम के अधिकारियों की माने तो बिजली चोरी के दौरान संबंधित थाना पुलिस की ओर से सहयोग नहीं किया जाता है। ऐसे में कार्रवाई करने वाले दल को परेशानी का सामना करना पड़ता है। अधिकारियों का कहना है कि अगर पुलिस की ओर बिजली चोरी की कार्रवाई में सहयोग दिया जाएं तो कहीं हद तक बिजली चोरी पर लगाम लगाई जा सकती है।
प्रतिवर्ष करोड़ों का राजस्व नुकसान
विद्युत चोरी व छीजत के चलते जयपुर विद्युत वितरण निगम को प्रति वर्ष कई करोड़ों रुपए का राजस्व नुकसान हो रहा है। निगम अधिकारियों की मानें तो सर्वाधिक चोरी धौलपुर शहर में हो रही है। इसके अलावा राजाखेड़ा, बाड़ी, बसेड़ी, सैपऊ, सरमथुरा में भी बिजली चोरी बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं की ओर से की जा रही है। निगम अधिकारियों से हर माह होने वाले राजस्व के नुकसान के बारे में जानकारी मांगी गई, जिस पर उन्होंने साल भर में करोड़ों की राशि का नुकसान होने की बात कहकर मामले को टालमटोल कर दिया।





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