चूरू. संभाग के महाराजा गंगासिंह विश्व विद्यालय बीकानेर की ओर से अब हर तरह के भत्तों का भुगतान ऑनलाइन सीधे संबंधित के बैंक खाते में किया जाएगा। विश्व विद्यालय की ओर से संबद्ध महाविद्यालयों, परीक्षकों, केंद्राधीक्षकों, कार्मिकों आदि को समस्त भुगतान ऑनलाइन प्रक्रिया से उनके बैंक खाते में किए जाने से अब राशि इधर-उधर होने की आशंका नहीं रहेगी। विश्वविद्यालय के पास भी किए गए हर भुगतान का ऑनलाइन रिकॉर्ड उपलब्ध रहेगा। इससे विश्व विद्यालय प्रशासन को भुगतान संंबंधी कागजी रिकॉर्ड संधारित करने की परेशानी से निजात मिलेगी। कागजात गुम होने की स्थिति में खड़ी होने वाली मुश्किलों की आशंका नहीं रहेगी। उक्त प्रक्रिया के लिए विश्वविद्यालय की ओर से तैयार करवाए गए सॉफ्टवेयर का शुभारंभ 23 जनवरी को कुलपति प्रो. भगीरथ सिंह व कुलसचिव राजेंद्र सिंह डूडी ने किया। डूडी ने बताया कि उक्त सॉफ्टवेयर के माध्यम से भुगतान की प्रक्रिया का सरलीकरण होगा। प्राप्तकत्र्ता के मोबाइल पर संदेश प्रेषित होगा। जिससे उसे जानकारी प्राप्त हो सकेगी कि किस मद का भुगतान प्राप्त हुआ है। इस मौके पर परीक्षा नियंत्रक एवं आहरण वितरण अधिकारी डा. जेएस खीचड़, उप कुलसचिव-शैक्षणिक डा. बि_ल बिस्सा, सहायक लेखाधिकारी प्रेमकुमार खत्री व अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
स्वयंपाठी परीक्षार्थियों की परीक्षा 11 व नियमित की 25 फरवरी से
चूरू. महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय, बीकानेर की स्नातक स्तर कला प्रथम व द्वितीय वर्ष के स्वयंपाठी परीक्षार्थियों की मुख्य परीक्षा 11 फरवरी से शुरूहोगी। इसके अलावा स्नातक स्तर कला, विज्ञान, वाणिज्य, बीसीए, बीबीए, बीएफ.ए गृह विज्ञान, बी लिब, बीए आनर्स, बीएससी योगा, एलएलबी द्वितीय व तृतीय वर्ष आदि के नियमित व स्वयंपाठी परीक्षार्थियों की परीक्षा 25 फरवरी से शुरू होगी। मुख्य परीक्षा में 3.8 7 लाख परीक्षार्थी शामिल होंगे। परीक्षा नियंत्रक डा. जेएस खीचड़ ने बताया कि स्नातक स्तर द्वितीय वर्ष में भी कुछ विषयों में स्वयंपाठी परीक्षार्थियों की संख्या अधिक होने के कारण स्नातक कला प्रथम वर्ष (स्वयंपाठी) की भांति इस वर्ष से स्नातक कला द्वितीय वर्ष में भी हिन्दी साहित्य, भूगोल, इतिहास एवं राजनीति विज्ञान विषयों के स्वयंपाठी छात्रों की परीक्षाएं अलग से करवाई जा रही है। परीक्षा समय-सारिणी समस्त महाविद्यालयों को प्रेषित की जा रही है, जो विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर भी देखी जा सकती है।





No comments:
Post a Comment