नांगल राजावतान. चारा- पानी की तलाश में दर-दर भटकती गायों को सहारा देने के लिए ग्रामीणों ने जन सहयोग से गोशाला खोल कर एक अनूठी पहल की है। इससे भटकती गायों को सहारा मिलने के साथ ही अब गायों को चारा-पानी की तलाश में भटकना नहीं पड़ेगा।
जानकारी के अनुसार गांव-गांव, ढाणी-ढाणी में दर्जनों के झुण्डों में आवारा भटकती गायों के लिए गांव बैवजाडी, भांवता व धौली के ग्रामीणों ने जन सहायोग से पहाडी की तलहटी में चरागाह भूमि पर गोशाला खोली है। इस गोशाला में वर्तमान में करीब साढे चार सौ गायें हैं। इनकी देखभाल के लिए ग्रामीणों ने रामजीलाल मीना, बाबूलाल मीना, रामसिंह राजपूत को लगा रखा है। यह लोग रात व दिन वहीं रहकर गायों को चारा पानी करने के साथ ही उनकी देखभाल करते हैं। गायों के लिए चारा व पानी की व्यवस्था जन सहयोग से की है।
लोगों को मिला दोहरा लाभ: लाहडलीवाला पहाड़ी की तलहटी में जन सहयोग से खुली गोशाला से आस-आस के क्षेत्र के लोगों को दोहरा लाभ मिला है। क्षेत्र की गायों को गोशाला में भेजने से रात्रि के समय में फसलों की रखवाली करने की समस्या से छुटकारा मिलने के साथ फसलों को नुकसान नहीं होगा। इसके चलते रात्रि के समय किसान अब आराम से नींद ले सकते है।
सफल संचालन के लिए सौंपा ज्ञापन: ग्रामीणों ने गोशाला को जनसहयोग से शुरू तो कर दी, लेकिन इसके लम्बे समय तक सफल संचालन के लिए ग्रामीणों ने नांगल राजावतान तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा है। उन्होंने ज्ञापन में गोशाला के नाम भूमि आवंटन करने सहित सरकार से गोशाला को सहायता दिलाने की मांग की है।
भूमि आवंटन की करेंगे कार्रवाई
लाहड़ीवाला पहाड़ी की तलहटी में जन सहयोग से खुली गोशाला को लेकर ग्रामीणों ने ज्ञापन सौंपा है। इसके लिए गोशाला प्रबन्ध समिति की ओर से आवेदन आने पर नियमानुसार गोशाला के लिए भूमि आवंटन का प्रस्ताव जिला कलक्टर को भेजा जाएगा।
राजेन्द्रप्रसाद रैगर तहसीलदार नांगल राजावतान





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