नारणावास. आसपास के कई गांव रोडवेज बसों की सुविधा से वंचित है। इन गांवों में रोडवेज तो क्या निजी बस सेवा तक उपलब्ध नहीं है।
ग्रामीणों ने बताया कि नारणावास, नया नारणावास एवं धवला सहित दर्जनों गांवों में रोडवेज सुविधा नही होने एवं पहले से चल रही इस रूट की निजी बसें बंद होने से अब इन गांवों के ग्रामीणों को आवागमन करने में भारी परेशानी हो रही है। टेम्पो एवं जीपों में जोखिम भरा सफर तय करना पड़ रहा है। पहले फालना से वाया सुमेरपुर, शिवगंज, कैलाश नगर, मणादर, भेटाला, चांदना, सियाणा, आडवाड़ा, नागणी, दीगांव, डूडसी, बागरा, नया नारणावास, नारणावास एवं धवला होते हुए जालोर तक निजी बस सेवा शुरू थी। इसी रूट से बस वापस निकलती थी। गत दो वर्षों से नियमित चलने वाली निजी बसें एक एक कर बंद होती गई। बस सुविधा नहीं होने से यहां के ग्रामीण 5 से 10 किलोमीटर तक आने जाने में ही पूरा दिन खराब करते हैं। सयम के साथ आर्थिक नुकसान भी हो रहा है। दर्जनों गांवों के लोग रोडवेज सुविधा जुटाने की मांग करते आ रहे हैं, लेकिन प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है।
केवल वादे किए, काम नहीं
चुनाव में नेता वादे करते हैं कि गांवों में भी रोडवेज सुविधा करवाई जाएगी, लेकिनआज तक किसी जनप्रतिनिधियों ने इस ओर ध्यान नहीं दिया, जिससे परिणाम ढाक के पात तीन ही रहा। ग्रामीण अंचलों के लोग आज भी रोडवेज सुविधा के लिए इंतजार कर रहे है। सुविधा नहीं मिलने से ग्रामीणों में रोष है।
नागणी में नदी का रास्ता अवरुद्ध
ग्रामीणों ने बताया कि पहले निजी बसें सियाणा होते हुए आडवाड़ा व नागणी के नदी के मध्य होती हुई बागरा होते हुए गुजरती थी, लेकिन दो वर्ष पहले आई बारिश में नदी का मार्ग अवरुद्ध हो गया। नदी का ग्रेवल मार्ग बह गया तथा रेत जम गई। अब इस मार्ग से ट्रैक्टर तक नहीं गुजरते।
बस सुविधा की मांग रखी
ग्रामीण चक्रवर्ती सिंह, हीर सिंह, नेनाराम, नागणी निवासी दिलीपकुमार, दिनेश भटट सहित अन्य ने बताया कि जालोर से वाया लेटा होते हुए धवला, नारणावास व नया नारणावास से बागरा तक रोडवेज बसें आरंभ करवाने की मांग की है। इसके लिए परिवहन मंत्री को ज्ञपन भेजा जाएगा। ग्रामीणों को रोडवेज या निजी बसों की ही सुविधा मिल जाए तो आवागमन में काफी फायदा हो सकता है।





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