बीकानेर। महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय के मदन मोहन मालवीय मूल्य शिक्षा केन्द्र के तत्वावधान में “भूमण्डलीकरण एवं गाँधीवादी दर्शन” पर एक दिवसीय राष्ट्रीय सिम्पोजियम का आयोजन किया जायेगा। राष्ट्रीय परिचर्चा विश्वविद्यालय के सोनक भवन (कुलपति सचिवालय) में स्थित विद्या परिषद सभागार में बुधवार को 10.30 बजे से आयोजित होगी। राष्ट्रीय परिचर्चा का उद्घाटन स्वामी संवित सोमगिरी करेंगे। संगोष्ठी में वर्धमान महावीर खुला विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. नरेश दाद्यीच, राजस्थान विश्वविद्यालय के राजनीति विज्ञान के प्रो. बी.एम. जैन, राजस्थान विश्वविद्यालय, जयपुर की गाँधी केन्द्र की पूर्व निदेशक प्रो. विद्या जैन, चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के प्रो. संजीव शर्मा, अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के रिटायर्ड प्रो. बी.एल. भादानी, जैन विश्व भारती विश्वविद्यालय, लाडनू के प्रो. अनिल धर मुख्य वक्ता के रूप में शिरकत करेंगे।
सिम्पोजियम के अध्यक्ष एवम् विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. भगीरथ सिंह ने कहा कि भूमण्डलीकरण के दौर में युवाओं में नैतिक मूल्यों का निरन्तर हृास हुआ है। विश्वविद्यालय के मूल्य शिक्षा केन्द्र द्वारा आयोजित सिम्पोजियम युवाओं में गिरते नैतिक स्तर को रोकने में मददगार साबित होगा। सिम्पोजियम के निदेशक प्रो. एस. के. अग्रवाल ने विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि सिम्पोजियम में मुख्य वक्ताओं के भाषण, तकनीकी सत्र के अतिरिक्त अन्त में एक खुले सत्र् का आयोजन किया जायेगा। खुले सत्र में चर्चा उपरान्त एक प्रस्ताव पारित किया जायेगा कि गाँधीवादी दर्शन को किस तरह से सरकार नीतियों का हिस्सा बनाया जा सकता है। सिम्पोजियम में प्रतिभागियों की संख्या अधिक होने के कारण समानान्तर सत्र का आयोजन किया जायेगा। सिम्पोजियम की सचिव डॉ. सीमा शर्मा ने बताया कि सिम्पोजियम में भागीदारी हेतु मुख्य वक्ताओं के अतिरिक्त करीब 90 पत्र वाचन हेतु सारांश प्राप्त हुए है। इनमें से विशेषज्ञ समिति द्वारा अनुमोदित श्रेष्ठत्तम 55 पत्र वाचकों को भागीदारी हेतु आमंत्रित किया गया है।





No comments:
Post a Comment