नई दिल्ली। राज्यसभा में सामान्य वर्ग के लोगों को 10 फीसदी आरक्षण देने के लिए संविधान संशोधन बिल पर बहस चल रही थी। सभी दल अपना-अपना पक्ष सदन में रख रहे थे। इसी दौरान केंद्रीय राम विलास पासवान और बहुजन समाज पार्टी के सांसद सतीश चंद्र मिश्र के बीच अचानक मायावती को लेकर तकरार होने लगी। देखते ही देखते मीसा भारती समेत कई सांसद हंगामा करने लगे जिसके बाद स्पीकर को हस्ताक्षेप करना पड़ गया।
मायावती के साथ 'बहनजी' लगाना भूलें पासवान
दरअसल हुआ कुछ यूं कि लोकजन शक्ति पार्टी के प्रमुख रामविलास पासवान संविधान संशोधन बिल पर सरकार का पक्ष रख रहे थे। चर्चा के दौरान उन्होंने दलितों का जिक्र करते हुए बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती का भी जिक्र किया, लेकिन पासवान मायवती के नाम के आगे 'बहनजी' लगाना भूल गए। ये बात बीएसपी सांसद सतीश चंद्र मिश्र को बुरी लग गई और बीच में ही खड़े होकर पासवान को नसीहत देने लगें। उन्होंने पासवान को टोकते हुए कहा कि ‘मान्यवर मैं आपसे निवेदन करना चाहूंगा कि जो सदन में नहीं हैं उनका नाम ले रहे हैं तो जरा अदब से नाम लें। श्रीमान आपको मालूम होना चाहिए की बहन मायावती जी…और अगर आप इस तरह से बात कर रहे हैं तो जरा सोच समझ कर बात करिए।’
भड़क गए बीएसपी के सतीश चंद्र मिश्र
सतीश चंद्र मिश्र की बात सुनते रामविलास पासवान ने दो बार सॉरी-सॉरी कहकर अपनी गलती मान ली और चर्चा बढ़ाने में जुट गए। पासवान ने कहा कि मेरी प्यारी बहन मायावती जी। लेकिन सतीश चंद्र अभी भी शांत नहीं हुए। उन्होंने फिर बीच में टोकते हुए कहा कि उनकी वजह से आप आज यहां बैठे हुए हैं। इसपर पासवान ने कहा की ठीक है। इसके बाद विपक्ष के कई नेता हंगामा करने लगें। तब स्पीकर ने कहा कि पासवान जी के अलावा किसी की बात को रिकॉर्ड नहीं किया जा रहा है इसलिए चुपचाप बैठ जाइए। तबकर जाकर मिश्र समेत विपक्षी नेता अपनी जगह पर बैठें और कार्यवाही आगे बढ़ सकी।





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