नई दिल्ली। मंगलवार को देश की सबसे बड़ी अदालत ने केंद्र सरकार को झटका देते हुए सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा को छुट्टी पर भेजने के फैसले को रद्द कर दिया। इस सुप्रीम फैसले को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने रफाल डील से जोड़ दिया। केजरीवाल ने पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए ट्वीट किया कि सुप्रीम कोर्ट के सीबीआई निदेश आलोक वर्मा की बहाली करने वाला फैसला पीएम पर प्रत्यक्ष तौर पर तोहमत है। मोदी सरकार ने देश में सभी संस्थानों और लोकतंत्र को बर्बाद कर दिया है। क्या रफाल घोटाले की जांच को रोकने के लिए सीबीआई निदेशक को गलत तरीके से आधी रात को नहीं हटाया गया, जो सीधे पीएम की ओर जाता है?
CBI विवाद: मोदी सरकार को झटका, सुप्रीम कोर्ट ने आलोक वर्मा को छुट्टी पर भेजने का फैसला रद्द किया
SC reinstating CBI director Alok Verma is a direct indictment of the PM. Modi govt has ruined all institutions and democracy in our country. Wasn't CBI director illegally removed at midnight to stall the probe in Rafale scam which directly leads to PM himself?
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) January 8, 2019
उधर कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर कहा, ‘हम सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हैं। आलोक वर्मा को गैरकानूनी तरीके से सीबीआई निदेशक पद से हटाने के सरकार के आदेश पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला चाबुक की तरह है। सुप्रीम कोर्ट ने आलोक वर्मा को बतौर निदेशक बहाल कर दिया है।’
We welcome the Supreme Court's verdict lambasting the govt. against their illegal removal of Alok Verma as CBI Director.
— Congress (@INCIndia) January 8, 2019
The SC has reinstated Alok Verma as director. https://t.co/4d2IvnnJ2x
मोदी सरकार को झटका
मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को बड़ा झटका देते हुए आलोक वर्मा को छुट्टी पर भेजने का फैसला रद्द कर दिया है। हालांकि आलोक वर्मा अभी नीतिगत फैसला नहीं ले सकते हैं। आलोक वर्मा नई जांच शुरू नहीं करवा पाएंगे। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुसार, कानून के तहत सीबीआई निदेशक को छुट्टी पर भेजने का अधिकार नहीं। उच्च स्तरीय कमेटी आलोक वर्मा पर कार्रवाई कर सकती है। पीएम, सीजेआई और लोकसभा में नेता विपक्ष कमेटी में शामिल होंगे। जो एक हफ्ते में कोई फैसला लेंगे।





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