नई दिल्ली। मोदी कैबिनेट द्वारा सोमवार को सवर्णों को आरक्षण देने की घोषणा के बाद अपनी प्रतिक्रिया में बिहार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने चौंकाने वाला बयान दिया है। उन्होंने कहा कि पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव में जीत से जोश में आए महागठबंधन का अब का भविष्य में कोई अस्तित्व नहीं है। उन्होंने बताया है कि विधानसभा चुनाव परिणाम का लोकसभा चुनाव पर असर नहीं दिखेगा। उन्होंने विश्वास भरे लहजे में कहा है कि 2019 के लोकसभा चुनाव के बाद नरेंद्र मोदी फिर प्रधानमंत्री बनेंगे। उन्हें जो कुछ दिख रहा या जो भी वे समझते हैं उसके आधार पर उन्हें इसका पूरा यकीन है।
लोकतंत्र में जनता मालिक
उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि लोग सोच रहे हैं कि तीन राज्यों के विधानसभा चुनाव में भाजपा हार गई है तो पीएम मोदी भी लोकसभा चुनाव हार जाएंगे। लेकिन मुझे ऐसा नहीं लगता। लोगों की अपनी सोच है और उसके आधार पर वह वोट करते हैं। लेकिन तीन राज्यों के चुनाव परिणाम पर नजर दौड़ाइए। मध्य प्रदेश में भाजपा चुनाव जरूर हारी, लेकिन उसे कांग्रेस से 0.1 फीसदी अधिक वोट आए। राजस्थान में भाजपा को कांग्रेस से महज 0.4 फीसदी कम वोट मिले हैं। इसलिए मैं कहता हूं कि लोकतंत्र में जनता मालिक है और वही फैसला करती है।
लैक ऑफ कांफिडेंस में महागठबंधन के नेता
सीएम नीतीश कुमार ने महागठबंधन द्वारा जातीय समीकरण साधने के प्रयास और माछ-भात भोज के सवाल पर कहा कि जातीय समीकरण करके गठबंधन के नेताओं को कुछ नहीं मिलने वाला। बिहार की जनता काम के आधार पर ही वोट करेगी। महागठबंधन का कोई भविष्य नहीं है। महागठबंधन के लोग जिस बात को लेकर खुशी में हैं वो उनका कॉन्फिडेंस नहीं लैक ऑफ कॉन्फिडेंस है। शुरू से हमको लगता था कि आरजेडी में दम है जो थोड़ी कमी है वह कांग्रेस के आने से पूरी हो गई। पर इनमें दम नहीं है।





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